पैसा
जीने के लिये कितना जरूरी है
इसका पता आज लोगों को सबसे
ज्यादा लग रहा है जेब के बड़े
नोट आज अच्छे नहीं लग रहे....
घर
के कोने कोने में रखें पैसे
निकालकर लोग जुगाड़ में लगे
हैं क्योंकि बैंक और एटीएम
दोनों बंद रहे...
500 और
1000
के
नोट देखना भी नहीं चाहते लोग.
अचानक
पांच सौ और हजार के नोट बंद
होने से अफरा तफरी मच गई ...
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद
पैनिक फैला और रात से अब तक हर
कोई परेशान है कि कैसे अपने
पैसे को बेकार होने से बचाये...
घबराने की
जरूरत नहीं क्योंकि आपकी मेहनत
की कमाई पर कोई आंच नहीं आने
वाली है... कई
जगहों पर दी गई छूट भी आपके
काम आ सकती है
आपकी
जेब में रखें 500
और 1000
के नोट भले
ही अब आपको डरा रहे हो लेकिन
इन हालात से घबराने की जरूरत
नहीं...ये
नोट बंद जरूर हुए है लेकिन
आपका पैसा बेकार नहीं होगा
…. इंतजाम
हो रहे हैं आपकी गाढ़ी कमाई
को सुरक्षित करने के..
ये सही है
कि फिलहाल बैंक को एक दिन के
लिये और एटीएम को 11
नवंबर तक
बंद किया गया है लेकिन ये सब
आपके पुराने नोटों को नये में
तबदील करने के लिये किया जा
रहा है.... खुद
वित मंत्री अरूण जेटली ने
आश्वासन दिया कि दो से तीन
हफ्ते में नोट बदलने का काम
पूरा हो जाएगा...
अर्थव्यवस्था
को काले धन से मुक्त करने के
कदम उठाकर लोगों को ईमानदार
रहने का संदेश सरकार ने दिया
है... नोटों
को बंद करने का असर क्या राज्यों
में होने वाले चुनाव पर पड़ेगा
ये सवाल जब जेटली से किया गया
तो उन्होंने कहा कि इससे राजनीति
और चुनाव प्रक्रिया भी स्वच्छ
होगी...
वित्त
मंत्री से सहमत तो है लोग लेकिन
आम लोगों को हो रही परेशानियों
की फेहरिस्त लंबी हो रही है
लोगों को मलाल है कि सरकार ने
उन्हें समय नहीं दिया अचानक
आये इस फैसले से लोगों की
दिक्कतों को बढ़ा दिया....
कैश की
किल्लत इस कदर दिखी कि दूध
सब्जी खरीदने के लिये भी लोगों
को लड़ाई झगड़े करने पड़े...क्योंकि
500 और
1000 का
नोट देखते ही दुकानदार ने हाथ
जोड़ लिये
असर
शेयर बाजार पर भी जोरदार दिखा
सेंसेक्स के खुलते ही 1600
अंकों की
गिरावट दिखी हालांकि बाजार
बंद होते होते कुछ संभलकर
सेंसेक्स 338 अंकों
की गिरावट के साथ बंद हुआ....
इधर सोने
की चमक बढ़ गई 4000
रु का उछाल
सोने में आया और दिल्ली सर्राफा
बाजार में सोना 32500
रु प्रति
तोला के दाम तक पहुंच गया....
हालांकि
अर्थव्यवस्था के लिहाज से
देखें तो ये फैसला अच्छा कदम
माना जा रहा है एक्सपर्ट के
मुताबिक इससे मुद्रास्फीति
पर लगाम लगेगी और वित्तीय घाटा
कम होगा. काले
धन पर भी लगाम लगेगी.
हालांकि
कुछ विशेषज्ञों का मानना है
कि इकॉनमी में इस कदम से 'कुछ
उथल पुथल देखी जा सकती है लेकिन
वो कुछ समय के लिए होगी'.
हालांकि
बात अगर रियल एस्टेट बाजार
की करें तो नोट बंद होने से इस
बाजार पर बड़ा असर हो सकता है
दरअसल माना जाता है कि रियल
एस्टेट में ब्लैक मनी का काफी
इस्तेमाल होता है प्रोपर्टी
एक्सपर्टस का मानना है कि इस
कदम से प्रॉपर्टी की कीमतों
में गिरावट आ सकती है क्योंकि
निवेशक रियल स्टेट में पैसा
नहीं लगा पाएंगे और बिल्डर्स
को मजबूरन प्रॉपर्टी के रेट्स
गिराने होंगे। दिल्ली-एनसीआर
में इस का सबसे ज्यादा असर
देखने को मिलेगा क्योंकि ये
मार्केट कैश में कारोबार के
लिए जाना जाता है...
कुल मिलाकर
नोटों के बंद होने का असर व्यापक
है लेकिन ईमानदार लोगों को
घबराने की जरूरत नहीं...
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