हम अक्सर सोचते हैं जो बीत गया उसे भुला दिया,,, किसी चीज
के बारे में सोचो न तो वो जहन में धुंधली होती जाती है जैसे बचपन की बातें,,, नये
नये किस्से,, नई नई बातें होती रहती है और हम पुरानी बातों को भूलते जाते है पर
क्या वाकई सब भूल जाते हैं अगर ऐसा है तो फिर क्यों अपने अतीत से जुडी किसी एक
छोटी सी बात पर इमोशनल हो जाते हैं क्यो बचपन के एक खिलौने भर को देखकर उसे जुडी
हर हंसी हर आंसू याद आ जाता है पुराने दोस्त भी तो ऐसे ही होते है न,,, जब तक साथ
नहीं होते तब तक उनकी याद कभी कभी आती है जब बहुत साल बाद दोबारा मिलते हैं तो यादें
ताजा कर देते हैं लगता है वही सबसे अच्छा वक्त था सब कितना मजेदार था बाकी
जिंदगी तो बस कट रही है,,,,अब तो
गीता शर्मा एक स्वतंत्र पत्रकार है, पिछले 20 साल से वो पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं, उन्होंने दिल्ली, हरियाणा के प्रसिद्ध चैनल टोटल टीवी, नेशनल न्यूज चैनल जैन टीवी और सीएनबीसी में बतौर एंकर, पत्रकार काम किया है। खबरों की भाग दौड़ के बीच सूकून के कुछ पल कहानियां लिखकर गुजारे जो धीरे-धीरे सोशल मीडिया के जरीये सब तक पहुंच रहे हैं।
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