मंगलवार, 9 अगस्त 2016

क्‍या वाकई सब भूल जाते हैं...

हम अक्‍सर सोचते हैं जो बीत गया उसे भुला दिया,,, किसी चीज के बारे में सोचो न तो वो जहन में धुंधली होती जाती है जैसे बचपन की बातें,,, नये नये किस्‍से,, नई नई बातें होती रहती है और हम पुरानी बातों को भूलते जाते है पर क्‍या वाकई सब भूल जाते हैं अगर ऐसा है तो फि‍र क्‍यों अपने अतीत से जुडी किसी एक छोटी सी बात पर इमोशनल हो जाते हैं क्‍यो बचपन के एक खिलौने भर को देखकर उसे जुडी हर हंसी हर आंसू याद आ जाता है पुराने दोस्‍त भी तो ऐसे ही होते है न,,, जब तक साथ नहीं होते तब तक उनकी याद कभी कभी आती है जब बहुत साल बाद दोबारा मिलते हैं तो यादें ताजा कर देते हैं लगता है वही सबसे अच्‍छा वक्‍त था सब कितना मजेदार था बाकी जिंदगी तो बस कट रही है,,,,अब तो   

MY BOOK : Pyar Mujhse Jo Kiya Tumne

नभ और धारा की ये कहानी दोस्‍ती, प्‍यार और नफरत के बीच के अजीब सफर से गुजरती है। नभ एक आर्मी ऑफिसर है, जो आर्मी में इसलिए गया क्‍योंकि उसे अप...