ठंडी ठंडी हवा और हवा में ताजगी,,,, आज की सुबह कुछ स्पेशल है,,,, संडे के बाद मंडे,,,,अब तो लगता है एक बार फिर कह दें सूरज से,, जोर से चमको क्योंकि तुम्हारी रोशनी से
रोशन करना है सारा जहान,,,एक बार
फिर खड़े होकर,,,करनी है शुरुआत,, उस काम की जो अधूरा छोड़ा था,,,, ब्रेक लंबा था लेकिन अब जोश दोगुना है,,,
अंश और कशिश दोनों एक बार फिर अपने प्रोजेक्ट पर काम करने में
लग गये,,,अब तो बस कुछ ही
दिन और बचे है,, डेडलाइन करीब है,, काम मुश्किल है लेकिन अगर ठान ले तो कुछ
भी नामुमकिन नहीं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
अंश ने कशिश से कहा,,,आज मैं
देर तक रुक कर ये सब काम खत्म कर लूंगा,, तुम फिक्र
मत करना,,,
“क्यों, सब अकेले करना चाहते हो’’,, कशिश ने अंश से पूछा
‘’ऐसा नहीं है तुम्हारा
साथ तो चाहिए पर ज्यादा दिन तक ऐसा ही रहा तो तुम बीमार भी पड़ सकती हो इसलिए कहा
आज देर तक रुकना मत’’,, अंश ने
जवाब दिया
कशिश ने उस वक्त कुछ नहीं कहा,, बस अपना काम करती रही,,,
लेकिन शाम को जब जाने का वक्त हुआ,, तो अंश ने एक बार फिर पूछा, अरे,
तुम गई नहीं अभी तक,, काम हो
जाएगा टेंशन मत लो, घर जाओ, आराम करो,,
कशिश ने इस बार मुस्कुरा कर जवाब दिया,, अंश मैं जानती हूं तुम सब अकेले कर सकते
हो,,पर मैं साथ देना
चाहती हूं,,, तुम्हारे साथ हर
मोड़ पर खड़े रहना चाहती हूं,,, ये प्रोजेक्ट
हमारा सपना है,, एक उम्मीद है जिसे
टूटने नहीं देना है,, हमने साथ
मिलकर ये करने का चैलेंज स्वीकार किया था तो अब तुम्हें अकेले छोड़कर कैसे चली जाउं,, पता नहीं तुम्हें शायद फर्क पड़े न पड़े
पर मुझे यहां रहकर अच्छा लगेगा और हां, फिक्र
मत करो, मैं तुम्हें परेशान
बिलकुल नहीं करुंगी,,,,,,,,,
जब मंजिल दूर हो और रास्ता कठिन तो किसी का साथ उसे आसान कर
देता है,,कई बार साथ देने
वाला अपनी पूरी ताकत लगाकर राह में मिलने वाली मुश्किलों को आसान कर देता है लेकिन
कई बार उसका होना ही काफी होता है। जिंदगी में कोई तो ऐसा होता ही है जिसके साथ रहने
से कुछ भी नामुमकिन नहीं लगता है, कोई मंजिल
दूर नहीं लगती क्योंकि रास्ता ही मंजिल बन जाता है,, हौसले उड़ान भरते है,, ख्वाबो को पंख मिल जाते है और हर चीज मजा
बन जाती है, बस साथ चल रहे है
यही काफी लगता है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,