दिल्ली
के सीएम और आम आदमी पार्टी के
मुखिया अरविंद केजरीवाल एक
बार फिर माफी के मोड में आ गये
हैं.... एक बार
दिल्ली से सीएम पद छोड़ने की
माफी मांगी थी केजरीवाल ने...
तब तो माफी मिल गई
थी और दिल्ली ने दोबारा सीएम
भी बना दिया था लेकिन इस बार
ये माफी ना सिर्फ केजरीवाल
बल्कि आप पर भारी पड़ती दिख
रही है
ये भाषा कैसे हो गई आप की? आंदोलन की हुंकार हाथ जोड़कर गिड़िगड़ाने पर कैसे उतर आई? क्या कानूनी पचड़ों से बचने के लिये आप ने पैंतरा चला हैं... लेकिन अगर ऐसा है तो क्यों नहीं पार्टी में स्वराज और पारदर्शिता का उदाहरण पेश किया...पंजाब में केजरीवाल की माफी ने तूफान खड़ा कर दिया... भगवंत मान ने इस्तीफा दिया और सुखपाल सिंह खेरा ने ट्वीट कर हैरानी जताई …. पंजाब में आप की छवि का अब क्या होगा ये एक बड़ा सवाल सामने हैं
इधर आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह इस सवाल से बचते नजर आये... साथ ही मजीठिया को एक बार फिर ड्रग डीलर कह गये...
मौका तो आप के बागियों के लिये भी बुरा नहीं...आप में सिद्धांतों के मरने की दुहाई देने वाले कुमार विश्वास अपनी कविता से फिर तंज कस गये... कुमार विश्वास ने ट्विटर पर लिखा- "एकता बांटने में माहिर है, खुद की जड़ काटने में माहिर है, हम क्या उस शख्स पर थूकें जो खुद, थूक कर चाटने में माहिर है!"
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने भी ब्लॉग दागा और आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल को हटाकर आंदोलन बचाने की अपील की...