मंगलवार, 27 अक्टूबर 2009

neha ke dil ki baat....

मानव लौट आया लेकिन रास्ते भर सोच में डूबा रहा. खुश होने की कोशिश कर रहा था साथ ही ये भी सोच रहा था अब उसके मन में ये उथल पुथल क्यूँ है ये सब होना है इसका पता तो उसे पहले से था. लेकिन सवाल फिर खड़ा था क्या दिल को समझाना आसान है?. दिल को कैसे समझाए.?

वापस आने के बाद मानव उस बहुत सोचा खुद को तैयार कर लिया सच का सामना करने के लिए लेकिन अब भी एक सवाल था नेहा का क्या होगा. मानव के लिए अब ये जानना ज़रूरी था की नेहा उसके बारे में क्या सोचती है? मानव का सबसे बड़ा डर अब यही था की कहीं नेहा भी उससे प्यार तो नहीं करने लगी ये सोच कर मानव के रौंगटे खड़े हो गए उसे लगा की अगर ऐसा हुआ तो उसके लिए कुछ भी आसान नहीं होगा.  न वोः नेहा का दिल तोड़ पायेगा और न ही वोः अपने घर वालों के खिलाफ जा पायेगा.

अब आगा कुछ भी करने से पहले वोः नेहा के दिल की बात जानना चाहता था . बातों बातों में तो कभी इशारो में मानव ने कई बार पूछा लेकिन नेहा ने कभी ऐसा इशारा नहीं दिया हालाँकि कही कभी उस मानव की बातें अजीब लगती थी. कई बार तो वोः कुछ काम का बहाना बना कर वहां से चली जाती थी.

फिर एक दिन मानव ने नेहा को अकेले बहार चलने को कहा उसने कहा कुछ ज़रूरी बात करनी है. नेहा खुले दिल की थी और उसे मानव की दोस्ती पर  पूरा भरोसा था उसने चलने के लिए हाँ  कर दी. दिन ख़त्म हुआ उस दिन मानव काफी खुश था दोनों साथ निकले एक रेस्टुरेंट में पहुंचे. पहले तो मानव बहुत nervous था लेकिन धीरे धीरे नोर्मल हो गया दोनों बात करने लगे.

मानव को लगा ये सही मौका है अब नेहा के दिल का हाल जानना चाहिए लेकिन कैसे कहे ये समझ नहीं आ रहा था. मानव को लगा ज़िन्दगी में उसे ऐसा मौका शायद फिर कभी नहीं मिलेगा इसलिए उसने अपने दिल की बात भी कह दी. नेहा को मानव ने बता दिया की वोः उससे प्यार करता है लेकिन ये बात सच है की उसकी शादी तय हो गयी है . नेहा को जान कर हैरानी हुई की अगर मानव किसी और से शादी कर रहा है तो वोः क्यूँ उसे बता रहा है की वोः उससे प्यार करता है. मानव ने कहा की ये उसके लिए ज़रूरी है क्यूंकि उसे ये मालूम करना है की कहीं वोः नेहा का दिल तोड़ कर तो नहीं जा रहा? नेहा अपने दिल की बात बताने से पहले मानव की पूरी बात सुनना चाहती थी क्यूंकि उसे अब ये बात परेशां कर रही थी की उसकी वजह से मानव अपनी शादी  की बात करते हुए इतना दुखी था. दरअसल नेहा एक बहुत अच्छी लड़की है वोः नहीं चाहि की कोई उसकी वजह से परेशां हो या फिर अपनी ज़िन्दगी को खुल कर न जीए.

पर इन सब के बीच मानव का इंतज़ार बरक़रार था अभी तक नेहा ने अपनी बात नहीं batai थी. नेहा के मुंह से निकली बात मानव के लिए अब जीने मरने का सवाल हो रहा था . वैसे मानव के लिए दोनों बातें खतरनाक थी. वोः चाहता था की नेहा कहे की उसे मानव से प्यार नहीं पर साथ की उसका दिल ये सुनने को बेताब था की नेहा कहे की उसे प्यार है. दिल तो दिल है उसे कैसा समझाए दोनों सूरतों में हार मानव की ही होनी थी नेहा की हां या न दोनों उसके लिए खतरनाक थे.

नेहा को बोलना ही था और उसने बहुत साफ़ शब्दों में मानव को बता दिया की अगर मानव उससे शादी की बात न भी करता तो भी वोः मानव से प्यार नहीं करती. उसने कभी मानव को लेकर ऐसा नहीं सोचा मानव सिर्फ उसका अच्छा दोस्त है और हमेशा रहेगा. नेहा ने बोम्ब गिरा दिया अब सोचिये मानव का क्या हुआ. उसे ख़ुशी थी ये सुनकर की नेहा को फर्क नहीं पड़ा पर फिर भी दिल खुश नहीं था उसे यकीन नहीं हो रहा था की जिससे वोः प्यार करता है वोः उसे प्यार नहीं करती. एक बार फिर उसे लगा की दिल को समझाना आसान नहीं दिल तो चाहता है लेकिन हकीक़त सामने है जिसे स्वीकार करने के अलावा उसके पास कोई रास्ता नहीं है पर क्या ये आसान है ???? शायद नहीं...........

MY BOOK : Pyar Mujhse Jo Kiya Tumne

नभ और धारा की ये कहानी दोस्‍ती, प्‍यार और नफरत के बीच के अजीब सफर से गुजरती है। नभ एक आर्मी ऑफिसर है, जो आर्मी में इसलिए गया क्‍योंकि उसे अप...