मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012

न तुम जानो, न हम पार्ट 11


दिल की बात आई जुबां पर

वो पिंक लंहगा कैसा है जिया,,,, कौन सा वो,,,, बहुत सुंदर है,,, ट्राय करो मुझे लगता है तुम पर बहुत अच्‍छा लगेगा। सिद्धार्थ ने जिया को कहा और जिया ने जब पहना तो उसे भी लगा कि यही है वो जिसकी तलाश थी उसे, वो ड्रेस जो उसे नियित की शादी में पहननी थी। अब दोनों की पंसद वो पिंक लहंगा है तो फिर वहीं खरीद लिया। जिया बहुत खुश थी,,, पूरा दिन अपने सिद्धार्थ सर के साथ उसे किसी सपने के सच होने जैसा लग रहा था,,,,शॉपिंग खत्‍म हुई तो दोनों ने सोचा कहीं चल कर बैठते है,,, एक रेंस्‍टोरंट के सबसे कोने के टेबल पर जाकर सारा सामान रख दिया। दोनों आराम से बैठ गये,, इतनी देर से शॉपिंग के दौरान खूब बातें की लेकिन अब दोनों खामोश थे,,, इंतजार कर रहे थे कि पहले बात कौन शुरू करें,,

जिया ने सोचा उसे ही पहले बात झेड़नी चाहिए शायद सिद्धार्थ भी यहीं सोच रहे थे दोनों एक साथ बोल पड़े,,,, दिल्‍ली क्‍यों छोड़ी??,,, और फिर दोनों हंस पड़े,,, ये एक ऐसा सवाल था जिसका जवाब दोनों जानते थे लेकिन हमेशा किसी और के मुंह से ही सुना था,,,,  जिया चुप हो गई लेकिन सिद्धार्थ तो आज सोच कर ही आये थे कि वो जिया से सच सुनकर ही रहेंगे। बोलो जिया क्‍या हुआ था क्‍यों सब कुछ ऐसे ही छोड़ कर चली गई थी तुम,,, मुझसे बात क्‍यों नहीं की,,,

नजरें झुकाए जिया बस सोचती रही,,,,,,,,,,इतना आसान तो नहीं था सिद्धार्थ सर के इस सवाल का जवाब देना,,,,,,वो जवाब जिसको हर रोज ढ़ूढने की कोशिश में उसने चार साल गुजार दिये थे,,,,,,,,,,,,बोलो जिया,,,, आज तो बोलो पता नहीं फिर कभी मौका मिले न मिले,,,, सिद्धार्थ ने जिया को फिर कहा,,,,
सिद्धार्थ सर कहकर जिया ने अभी कुछ कहने की हिम्‍मत की ही थी कि सिद्धार्थ ने उसे रोककर कहा सर नहीं,,, सिर्फ सिद्धार्थ कहो,,,, अब तुम मेरी स्‍टूडेंट नहीं हो खुद एक टीचर हो,,,,,,,,,,,,, मुस्‍कुराकर जिया ने कहा, कैसे बोलू,,,, आप तो सर ही रहेंगे ना मेरे लिये हमेशा,,,,, तो ठीक है पहले यहीं काम करते है आज एक नई दोस्‍ती की शुरुआत करते है,,,,,,,,,,,,,,
सिद्धार्थ ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और जिया से कहा,,, मुझसे दोस्‍ती करोगी,,,,,,,,,,,ये सुनकर जिया ने कहा,, दोस्‍ती ओके,,,,,,,,,,,,,,,,
जिया अब हम दोनों दोस्‍त है अब तुम्‍हें बताना होगा क्‍या हुआ था उस रात पार्टी में,,,,,,,,,,,,पार्टी का नाम सुनकर जिया समझ गई कि सिद्धार्थ सब जानते है बस जिया से सुनना चाहते है,,, जिया ने सब कुछ बता दिया,, अपने दिल की हर बात बता दी,,,, बोलते बोलते जिया की आंख में आंसू आ गये,,,, चार साल लगे जिस दर्द को खुशी में बदलने में वो आज जिया की आंखों से आंसू बनकर बह रहा था,,,
एक लंबी खामोशी के बाद सिद्धार्थ ने बोलना शुरू किया उस कड़ी को जोड़ा जो उस पार्टी की रात अधूरी रह गई थी,, निशा सिर्फ मेरी कुलिग थी,,हमने कॉलेज के काम के अलावा कभी बात तक नहीं की थी,, वो तो सब स्टूडेंट मजे ले रहे थे इसलिए हमने थोड़ा डांस कर लिया,,, इसके अलावा कुछ नहीं था,,,,,,,,और तुम्‍हें लगा,,,,,,,,,,,,,,
जिया तुमने मुझसे कभी कहा क्‍यों नहीं,,,,,,,,,,,,,,,,,,
कैसे कहती,,,,,,,, कहती तो इतने साल यूं ही नहीं गुजर जाते,,,,,,, जिया ने सिद्धार्थ को देखा और कहा,,, आपने क्‍यों कुछ नहीं कहा,,,,,,,,,,,,,, तुमने मौका ही नहीं दिया,,,,अचानक गायब हो गई,,,,,,,,,,,,, कितनी कोशिश की तुम्‍हें ढूंढने की पर तुम नहीं मिली,, तो मैं भी दिल्‍ली छोड़कर यहां आ गया,,,, वहां रहना मुश्‍किल हो गया था जिया,,, हर वक्‍त मैं बस तुम्‍हारे बारे में ही सोचता था, तुम्‍हें ही ढूंढता था,,, पर तुम नहीं थी कहीं नहीं थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
दोनों ने अपने दिल की बात कह दी,,, ये भी बता दिया कि ये चार साल कैसे गुजरे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,  

MY BOOK : Pyar Mujhse Jo Kiya Tumne

नभ और धारा की ये कहानी दोस्‍ती, प्‍यार और नफरत के बीच के अजीब सफर से गुजरती है। नभ एक आर्मी ऑफिसर है, जो आर्मी में इसलिए गया क्‍योंकि उसे अप...