मैंने देखा है कि कुछ लोगो को ये भी नहीं पता... वो समझते है कि किसी पर भी विश्वास कर लेना चाहिए... पर ऐसा होता नहीं.. ये एक एहसास है जो आपके अन्दर से आता है.... यहां फैसला करना जरूरी है की जो आप कर रहे हैं.... जिस पर विश्वास कर रहे हैं... वो सही है या गलत... किसी पर आंख बंद कर विश्वास करेंगे तो फिर धोखा मिलने का चांस ज्यादा होता है... यही परेशानी होती है जब बिना सोचे समझे किसी पर भरोसा कर उससे सब शेयर किया जाता है. अब सवाल ये है की कैसे ये यकीं हो की जो आप कर रहे है वो सही है... इसका हल बॉलीवुड ने भी दिया... सलमान खान की एक मूवी में कहा गया की भगवान आपको कुछ सिग्नल देते हैं... जब कुछ ठीक हो रहा हो या गलत हो रहा हो तब ये सिग्नल मिलते हैं लेकिन हर कोई पहचान नहीं पता और कई लोग अपनी नासमझी और नादानी में इसे इग्नोर कर देते हैं... लेकिन अगर समझ हो इन्हें पहचानने की तो आप कभी कोई गलत कम नहीं करेंगे... अब ऐसा नहीं है गलत काम नहीं करेंगे तो आपकी जिन्दंगी में दुख तकलीफे नहीं होंगी वो तो आपकी ज़िन्दगी का हिस्सा है, उनका आना जाना लगा रहेगा लेकिन आपके साथ जो हो रहा है वो क्यूं हो रहा वो समझ सकेंगे तो ज़िन्दगी को समझना आसान होगा और जिसने इसे समझ लिया वो इसे पूरी तरह जी लेता है. ज़िन्दगी में सफलता इससे नापी नहीं जाती की आपके कितने बंगले और कितनी गाड़ियां है, सफल ज़िन्दगी वो है जो खुद ज़िन्दगी का बड़ा हिस्सा ख़ुशी से गुजारे और जिसकी वजह से लोगों की ज़िन्दगी खुशियों से भर जाये... महात्मा गांधी ने कहा था की इंडस्ट्रलिस्ट को अपनी प्लानिंग इस तरह करनी चाहिए की उनके बिज़नस से कितने लोगों को फायदा पहुंचेगा अगर ये विचार हम अपनी ज़िन्दगी में भी लाये तो शायद इस दुनिया का दुख कम होगा... नहीं ये ज़रूरी नहीं की आप गांधी जी की तरह अपनी जिन्दंगी सोशल वर्क के नाम कर दे, बस अपनी लाइफ में थोड़ा बदलाव करें ताकि आपके एक एक्स्ट्रा एफर्ट से कोई एक इंसान रोज़ खुश रहे... एक दिन में एक अच्छा काम आप करेंगे तो सब ठीक होगा... शायद वक़्त आ गया है बदलाव का आप भी बदले दुनिया को बेहतर करने के लिए..................
गीता शर्मा एक स्वतंत्र पत्रकार है, पिछले 20 साल से वो पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं, उन्होंने दिल्ली, हरियाणा के प्रसिद्ध चैनल टोटल टीवी, नेशनल न्यूज चैनल जैन टीवी और सीएनबीसी में बतौर एंकर, पत्रकार काम किया है। खबरों की भाग दौड़ के बीच सूकून के कुछ पल कहानियां लिखकर गुजारे जो धीरे-धीरे सोशल मीडिया के जरीये सब तक पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार, 12 अगस्त 2016
change yourself first to change the world..
मैंने देखा है कि कुछ लोगो को ये भी नहीं पता... वो समझते है कि किसी पर भी विश्वास कर लेना चाहिए... पर ऐसा होता नहीं.. ये एक एहसास है जो आपके अन्दर से आता है.... यहां फैसला करना जरूरी है की जो आप कर रहे हैं.... जिस पर विश्वास कर रहे हैं... वो सही है या गलत... किसी पर आंख बंद कर विश्वास करेंगे तो फिर धोखा मिलने का चांस ज्यादा होता है... यही परेशानी होती है जब बिना सोचे समझे किसी पर भरोसा कर उससे सब शेयर किया जाता है. अब सवाल ये है की कैसे ये यकीं हो की जो आप कर रहे है वो सही है... इसका हल बॉलीवुड ने भी दिया... सलमान खान की एक मूवी में कहा गया की भगवान आपको कुछ सिग्नल देते हैं... जब कुछ ठीक हो रहा हो या गलत हो रहा हो तब ये सिग्नल मिलते हैं लेकिन हर कोई पहचान नहीं पता और कई लोग अपनी नासमझी और नादानी में इसे इग्नोर कर देते हैं... लेकिन अगर समझ हो इन्हें पहचानने की तो आप कभी कोई गलत कम नहीं करेंगे... अब ऐसा नहीं है गलत काम नहीं करेंगे तो आपकी जिन्दंगी में दुख तकलीफे नहीं होंगी वो तो आपकी ज़िन्दगी का हिस्सा है, उनका आना जाना लगा रहेगा लेकिन आपके साथ जो हो रहा है वो क्यूं हो रहा वो समझ सकेंगे तो ज़िन्दगी को समझना आसान होगा और जिसने इसे समझ लिया वो इसे पूरी तरह जी लेता है. ज़िन्दगी में सफलता इससे नापी नहीं जाती की आपके कितने बंगले और कितनी गाड़ियां है, सफल ज़िन्दगी वो है जो खुद ज़िन्दगी का बड़ा हिस्सा ख़ुशी से गुजारे और जिसकी वजह से लोगों की ज़िन्दगी खुशियों से भर जाये... महात्मा गांधी ने कहा था की इंडस्ट्रलिस्ट को अपनी प्लानिंग इस तरह करनी चाहिए की उनके बिज़नस से कितने लोगों को फायदा पहुंचेगा अगर ये विचार हम अपनी ज़िन्दगी में भी लाये तो शायद इस दुनिया का दुख कम होगा... नहीं ये ज़रूरी नहीं की आप गांधी जी की तरह अपनी जिन्दंगी सोशल वर्क के नाम कर दे, बस अपनी लाइफ में थोड़ा बदलाव करें ताकि आपके एक एक्स्ट्रा एफर्ट से कोई एक इंसान रोज़ खुश रहे... एक दिन में एक अच्छा काम आप करेंगे तो सब ठीक होगा... शायद वक़्त आ गया है बदलाव का आप भी बदले दुनिया को बेहतर करने के लिए..................
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