दिल्ली
किसके भरोसे चल रही है जब सीएम,
एलजी और कई
मंत्री यहां नहीं..
दो दिन से
चिकनगुनिया और डेंगू के बढ़ते
मामलों के बाद ये बात हर किसी
की जुबां पर है..अस्पतालों
के इंतजामों की दुहाई के बावजूद
मरीजों की परेशानी लगातार
बढ़ रही है ऐसा शायद पहली बार
होगा कि पूरी दिल्ली सरकार
ही सैर पर रही हो
जिम्मेदारी
किसकी है ये तय करने के लिये
दिल्ली में कई जंग लड़ी जा रही
है कभी अधिकार की बात करते हुए
कानून के दरवाजे तक पहुंची
सियासत और अब अस्पतालो में
बीमारियों को लेकर सियासत
गर्म है... एक
दूसरे को निशाना बनाकर ताना
मारने वालों की कमी नहीं..
और आरोप
प्रत्यारोप की इस सियासत के
बीच उनके बारे में पूछा जा रहा
है जो दिल्ली से गायब हैं...
आइये बताते
हैं आपको दिल्ली के रहनुमा
आखिर हैं कहां और कब से दिल्ली
में नहीं हैं
सबसे
पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल की बात करते
हैं जो एक महीने से दिल्ली में
कभी कभी ही दिखाई दिए हैं
- केजरीवाल 31 जुलाई को हिमाचल के धर्मकोट में विपश्यना के लिये निकले और 11 अगस्त तक वहीं रहे...
- इसके बाद 20 अगस्त को गोवा चुनाव प्रचार करने रवाना हो गये गोवा से केजरीवाल 22 अगस्त को वापस लौटे
- अगले दिन यानि 23 अगस्त को वो फिर पंजाब में चुनाव प्रचार करने चले गये और दो दिन रहने के बाद दिल्ली लौटे
- तीन से सात सिंतबर तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रोम में मदर टेरेसा को संत घोषित करने के कार्यक्रम में शामिल हुए
- वापस लौटते ही आठ सिंतबर को फिर पंजाब में खूंटा गाड़ने पहुंच गये...
- 12 सितंबर को केजरीवाल अपनी खांसी का इलाज करवाने बेंगलुरु गये यहां 22 सितंबर तक उनका इलाज चलेगा...
- सरकार में नंबर दो डिप्टी सीएम भी 6-8 सिंतबर तक दिल्ली में नहीं थे वो गोवा में पार्टी के प्रचार में व्यस्त रहे
- इसके बाद 13 सिंतबर को फिनलैंड में एक एजुकेशनल कांफ्रेंस में शामिल होने चले गये और 17 सिंतबर को उनके दिल्ली लौटने की योजना है
- श्रम मंत्री गोपाल राय भी नौ सिंतबर से दिल्ली में नहीं हैं वो छतीसगढ़ में लेबर कांफ्रेंस में हिस्सा लेने गये हैं और 20 सितंबर को वापस आएंगे
- पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन भी 27 अगस्त से एक महीने तक दिल्ली में नहीं है
- उपराज्यपाल नजीब जंग भी निजी दौरे पर तीन से 13 सिंतबर तक दिल्ली से बाहर रहे
- इस बीच स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बाद सतेंद्र जैन गोवा से दिल्ली लौटे
- जैन पहले तीन से सात सिंतबर तक रोम में थे
- और फिर गोवा में चुनाव प्रचार करने के लिये नौ से 13 सिंतबर तक दिल्ली से बाहर रहे
- स्वास्थ्य सचिव का दिल्ली में न होना भी विवाद की वजह बना हुआ है स्वास्थ्य सविव चंदाकर भारती पांच से 16 सितंबर तक छ्ट्टी पर चल रहे हैं
दिल्ली
में चिकनगुनिया और डेंगू से
बिगड़ते हालात ने सरकार के
नदारद होने पर सवाल खड़े किए...
व्यवस्थाएं
ठीक न होने की तकलीफ दिल्ली
की जनता को उठानी पड़ रही है
और सरकार अब भी दावा कर रही है
कि सब कंट्रोल में हैं