खामोश सा अफसाना पानी से लिखा होता
न तुमने कहा होता न हमने सुना होता
तूफान के बाद की खामोशी कैसी होती है,,, वो समां जब काले
बादल बरस कर चले जाये और आसमान साफ हो जाये,,, कैसा लगता है जब हर चीज साफ साफ नजर
आती है,,,,जब कोई शक शुबा न हो,,, सब कुछ आइने की तरह साफ हो जाये,,,,,,,,,,,जिया
और सिद्धार्थ को भी आज घर लौटते हुए ऐसा ही लग रहा था,,,,, दोनों जानते थे एक
दूसरे की असलियत,,,,,,,,,,,,अब बस एक सवाल था यहां से आगे क्या,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जो हुआ था दोनों जान चुके थे,,,,, लेकिन अब सब पीछे था,,,,
यहां से आगे क्या,,,, जो रिश्ता था वो तो था,,, पर अब सवाल था यहां से जो नई
शुरुआत हो रही है उसे कैसे आगे बढ़ाये,,,,,,,,,,,,,
नहीं जानते थे दोनों,,,,,,,,,,,ये भी नहीं सोचा था कि इसकी
पहल कौन करेगा,,,,,,,,,,,,बस खामोशी थी ऐसी खामोशी जिसका अंत कब होना है कुछ पता
नहीं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
दोनों घर पहुंच गये और अपने अपने रूम में चले
गये,,,,,,,,,,,, नियति जिया के पास आई शॉपिंग का सामान देखने। पर फिर से जिया को
उदास देखकर पूछा,, क्या हुआ,,, कुछ हुआ है क्या रिंकू भइया से बात हुई क्या,,,,,
हां बात हुई,, जिया ने कहा,,,, सब बात हो गई, सब कुछ बता
दिया,, सब कुछ सुन लिया,,, अब नहीं समझ आ रहा क्या करु,,,, नियति ने पूरी बात
सुनी और कहा बात हो गई तो अब क्यों परेशान है,,,,,,,परेशान नहीं हूं बस ये नहीं समझ
आ रहा कि आगे क्या होगा, जिया ने नियति की बात का जवाब दिया, कल तेरी शादी है,,,
और उसके बाद तो मुझे वापस लंदन लौटना है,,,,,,, तब हम दोनों के रिश्ते का क्या
भविष्य होगा,,,, क्या हम बात करेंगे,,, या फिर ये सब यहीं खत्म हो जाएगा,,,,,,,,,,,,,
बस यहीं सोच रही हूं,,,,,,,,,पर जाने से पहले अगर कोई बात नहीं हुई तो मैं कैसे
जाउंगी,,,,,,,,,,,,,,, अब उन्हें भूलना आसान नहीं होगा और याद रखकर भी तकलीफ कम
नहीं ज्यादा ही होगी,,, क्योंकि अब बात सिर्फ मेरी नहीं है अब तो ये भी पता है
वो क्या सोच रहे है,,, दोनों की भावनाओं का बोझ उठा कर कैसे रह
पाउंगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,