शनिवार, 6 जुलाई 2013

वो पनाह दोस्ती है पार्ट 20

आज का सूरज नई रोशनी लेकर आया है,, एक नई खूबसूरत सुबह जो कशिश की जिंदगी बदलने वाली थी,,,उसने जब आंख खोली तो मेंहदी की महक के साथ सुनहरी रोशनी खिड़की के पर्दे के बीच से झांक रही थी। घर में भीड़ लगी थी,,, हर कोई शादी की तैयारियों को आखिरी रुप देने में लगा था। खुशी के साथ साथ अपनो की आंख झलक भी आती थी क्‍योंकि प्‍यारी बिटिया घर से विदा जो हो रही है,,, कहीं डीजे की धुन पर बच्‍चे नाच रहे है तो कहीं चाची, ताई बधाई गीत गा रही है। सहेलियां सागर के नाम से खूब छेड़ रही है कशिश भी इस माहौल के बीच नये नये सपने बुन रही थी अब तो उसने इस सच को मान ही लिया था कि उसके साथ सब रहेंगे पर अंश नहीं होगा।

शायद अब इंतजार भी नहीं था उसे, क्‍योंकि उसके आने की कोई सूरत नहीं लग रही थी,,, पूरा दिन कैसे गुजर गया पता ही नही चला,,, शाम की चादर अपने साथ उमंगों की बारात के आने का संदेश लेकर आई थी,, रोशनियों की बारिश में नहाया वो नजारा जैसे बता रहा था कि कुछ खास होने वाला है कुछ ऐसा जिसकी आहट भर ही पूरी कायनात को रोशन कर रही है।

अपने मन से खरीदा वो लाल जोड़ा देखकर कशिश कुछ सोचने लगी,,,, उसके आस पास शोर अब उसे सुनाई नहीं दे रहा था सब कुछ जैसे रुक सा गया है,,, पलके बंद होती है तो लगता है वो पास है लेकिन जब खुलती है तो सामने कोई नहीं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अंश की याद एक बार फिर कशिश को तड़पा रही थी,, कशिश से अब रहा नहीं गया,,, उसने अपना फोन उठाया और सोचा बस अब और इंतजार नहीं,,, वो खुद अंश को फोन करने की ठानी,,,, पर फिर रुक गई,,, सोचने लगी पता नहीं वो कहां होगा,, किस हाल में होगा,,, कहीं उसका फोन उसकी तकलीफ को और बढ़ा न दे। कशिश जानती थी कि आज उसके साथ अंश के न होने का दुख अंश को शायद उससे भी ज्‍यादा होगा। अंश ने वादा किया था कि कुछ भी हो वो शादी के दिन वापस जरुर आएगा। इसी उधेड़बुन में थी कशिश की अब उसे क्‍या करना चाहिए ,,


जब कोई शख्‍स हमारे दिल के ज्‍यादा करीब होता है तो उससे जुड़ी हर बात के मायने हम सौ बार सोच समझ कर निकालते है,,, जो लोग दिल से सोचते है वो किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहते लेकिन कभी कभी हालात ऐसा करने को मजबूर कर देते है दुनिया के रिति रिवाजों से बंधा इंसान अपनी भावनाओं को मार देता है क्‍योंकि शायद ये करना आसान होता है अपनों की आंखों में आंसू देखने से ज्‍यादा आसान अपने दर्द को छुपाकर मुस्‍कुराना होता है,,,,, आज कशिश भी यही करने जा रही है,,,,,,,,,,,,,,,,,                         

MY BOOK : Pyar Mujhse Jo Kiya Tumne

नभ और धारा की ये कहानी दोस्‍ती, प्‍यार और नफरत के बीच के अजीब सफर से गुजरती है। नभ एक आर्मी ऑफिसर है, जो आर्मी में इसलिए गया क्‍योंकि उसे अप...