अंश ने बाइक स्टार्ट कर
कशिश को बिठाया और सब बताया कहां से क्या होता है,, कशिश कुछ ज्यादा ही एक्साइटेड
थी,,,,,,उसने कोशिश की समझने की,, हालांकि उसे कुछ समझ आया नहीं,, फिर भी ये नया
काम सीखने की जिद में बाइक आगे बढनी शुरु हुई कशिश तो खूब इंजॉय कर रही थी लेकिन
अंश काफी घबराया हुआ था क्योंकि बाइक का बैलेंस उसे ही संभालना था,,,
बाइक भी इतनी हेवी थी कि
अगर गिरी तो चोट जबरदस्त होगी,,, फिर भी कशिश ट्राई कर रही थी बाइक चलाने के
लिये,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जैसे तैसे कुछ देर बाद
थोड़ा बैलेंस हो ही गया,,, अब अंश को भी थोड़ी राहत िमल रही थी वैसे बाइक की स्पीड
तो काफी स्लो थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
इतने में कशिश को कुछ
दिखाई दिया,,,, और उसने अपने बचपने में बाइक का हैंडल छोड़ कर किसी चीज की तरफ
इशारा किया,,,देखो अंश वो क्या है,,,, कशिश की बात अंश सुन पाता इससे पहले ही बैलेंस
एक बार फिर बिगड़ गया और दोनों गिरते गिरते बचे।
अब तो अंश का पारा हाई हो
गया,,, उसने बाइक को ब्रेक लगाया और एक साइड खड़ा कर दी। कशिश को लगा बस हो गया अब
तो खूब झाड़ पड़ने वाली है,, अंश को देखकर तो ऐसा ही लग रहा
था,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, और कशिश तैयार भी थी क्योंकि वो जानती थी गलती उसी की
थी,,,, अगर बाइक गिरती तो दोनों को खूब चोटे लगती।