शुक्रवार, 10 मार्च 2017

इस रण का राजा कौन होगा?

वोट से हो चुका है फैसला कौन आगे कौन है पीछे...इस रण का राजा कौन होगा अब आएगा सामने... उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर की विधानसभा पर किसका परचम लहराएगा ये साफ होने में बस कुछ वक्त बचा है... 11 मार्च की तारीख देश के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगी...लेकिन अब वोटिंग पूरी होने के बाद राजनीति की करवट किस ओर है कौन है वो जो बाजी मार ले जाएगा इसका आंकलन करने का ये वक्त है... पांच राज्यों ने अपना फैसला सुना दिया है जो ईवीएम में दर्ज है... ये चुनाव साख का सवाल है दिग्गजों के लिये भी और देश के प्रधानमंत्री के लिये भी.... जिन्होंने पसीना बहाया प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी क्या उन्हें मिलेगा जनता का समर्थन...

आइये समझते हैं पार्टियों का समीकरण क्या कहता है... बात सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी की करें तो पीएम मोदी समेत उम्मीदवारों और पार्टी के दिग्गज नेताओं का पूरा समय और ताकत इन चुनावों में दिखी खासकर यूपी में बीजेपी अपनी पैठ बनाने के लिये किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखी... बीजेपी क्या यूपी को जीत पाएगी? मोदी लहर क्या अब भी बीजेपी की नैया पार लगाएगी? वैसे कम तो कांग्रेस और सपा गठबंधन भी नहीं दिख रहा यूपी विधानसभा में ज्यादा से ज्यादा सीट लाने के लिए पुरजोर कोशिश में है कांग्रेस-सपा गठबंधन... पर यहां सबसे बड़ा दांव सीएम अखिलेश यादव ने खेला है जो पार्टी कलह और परिवार के झगड़े के बावजूद अपनी सरकार के विकास कामों का गुणगान करते रहे क्या सब देखने के बाद अब जनता दोबारा मौका देगी अखिलेश को

वोट फैसला करते हैं कौन कहां खड़ा है तैयारी तो बसपा की भी जबरदस्त थी सत्ता में वापसी की उम्मीद क मायावती को जितनी इस बार है पहले कभी नहीं रही...

राततिलक का इंतजार पंजाब में भी है जहां आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अकाली बीजेपी हर तरह से खुद को बेहतर दिखाने की जुगत में रही... बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और कई नाटकीय मोड़ के बाद पंजाब का सरदार कौन होगा ये भी साफ होगा 11 मार्च को... यूपी की 403, पजांब की 117,उत्तराखंड की 70, गोवा की 40 और मणिपुर की 60 सीटों पर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा 11 मार्च को ।

MY BOOK : Pyar Mujhse Jo Kiya Tumne

नभ और धारा की ये कहानी दोस्‍ती, प्‍यार और नफरत के बीच के अजीब सफर से गुजरती है। नभ एक आर्मी ऑफिसर है, जो आर्मी में इसलिए गया क्‍योंकि उसे अप...