अंश ने मजाक में तो ये कह दिया,,, लेकिन काफी देर तक दोनों इसके बारे में
सोचते रहे,,,,ऐसा लगा कि शायद वक्त आ गया था,,,,,,,,,,, सोचने का,,,,,,,, कि ये
दोस्ती सिर्फ दोस्ती है या उससे ज्यादा कुछ होने की राह पर है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
अंश तो शायद शादी के बारे में बात करने के साथ ही पहले से इस कशमकश से गुजर
रहा था,,,, अब कशिश को भी ये सवाल सता रहा है कि अंश ने ऐसा क्यों कहा,,,,,,,,,
इसी बीच अंश के घर से फोन आया,,, उसे घर बुलाया था बात करने के लिये,,,,अंश
ऑफिस से छुट्टी लेकर घर चला
गया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
पहला मौका था जब अंश और कशिश अलग हो रहे थे,,,,जाने से पहले कशिश से कुछ खास
बात नहीं हुई थी,,,,,,कशिश भी उस दिन के बाद से अंश के सामने आने से हिचकिचा रही
थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
कुछ दिन बाद अंश ने कशिश को फोन किया और बताया कि उसकी सगाई हो रही है,,,दोनों
परिवारों ने तय कर लिया है,,, कशिश खुश थी,,,लेकिन अंश की आवाज से उसे नहीं लग रहा
था कि वो खुश है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
अंश से बात करते हुए कशिश ने उसकी उदासी की वजह पूछी,,,,,अंश को समझ नहीं आ
रहा था.....फिर कशिश ने उसे समझाया कि पहले वो आकृति से मिल ले,,,उसे जान ले उसके बाद
फैसला करें।
अंश ने कशिश से काफी देर बात की,,,आखिरकार कशिश की बात अंश ने मान ही ली,,,
उसने फैसला किया कि वो आकृति से मिलेगा,, उससे बात करके कोई कदम उठाएगा।