दुनिया
के शोर में...
. . .खामोशी
का एक लम्हा हो तुम .
. .
चाहतों
के आसमान में...
प्यार
भरा चांद हो तुम....
तेरे
ख्याल से जो जिंदा है...ख्वाहिश
की मंजिल हो तुम.....
चलने
को रास्ते हैं...
रास्तों
में मुश्किलें...
हौसले
जो बढ़ा दे वो ठंडी छांव हो
तुम
साथ
हो तो सुकून...
न हो
तो सुकून का एहसास हो तुम.....
तेरे
आने से फिर निखर जाएंगे...
दुख
के बादल से बरसी बरसात हो तुम
तुझे
देख के जीते हैं...
तुझ
से न बन जाएं कभी...
खुद
को खोने की हसरत भी खुद में
जगाते हो तुम......
कोई
न कहे तो क्या...
इश्क
तो इश्क ही रहता है...
जब
चाहा तब पाया...
न हो
तो भी मेरे पास हो तुम.....