अंश और कशिश को अब साथ काम करना था। कुछ दिन
गुजर गये थे साथ काम करते करते। धीरे धीरे एक दूसरे को जानने भी लगे थे। एक दिन
अचानक बॉस ने बुलाया। दोनों पहुंच गये और अब जो वो कहने वाले थे उसके लिये उन्होंने
काफी समय लगाया। अंश और कशिश एक दूसरे को देखने लगे उन्हें लगा कुछ तो गड़बड़ है
लेकिन क्या ये नहीं समझ पा रहे थे। कुछ परेशान भी लग रहे थे,,, और थोड़ी देर बाद हिम्मत
करके बोला, जिस प्रोजेक्ट पर तुम दोनों काम कर रहे हो उसे कैंसिल करना पड़ेगा,,,,
ये सुनकर दोनों शॉक थे और पूछा ऐसा क्यों,,, दरअसल इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन कम
हो गई है जो काम तीन महीने में करना था वो अब एक महीने में देना होगा,,, ऐसा करना
प्रोसिबल नहीं हो पाया,,, इसलिये मैंने सोचा कैंसिल ही कर देता है पर ये फैसला लेने
से पहले तुम दोनों को बताना जरुरी थी क्योंकि तुम दोनों इस पर काफी मेहनत कर रहे
हो।
इससे पहले अंश कुछ कहता कशिश बोल पड़ी,, कशिश
ने कहा, सर हम ये प्रोजेक्ट पर काफी काम कर चुके है और मुझे लगता है थोड़ा ज्यादा
मेहनत करेंगे तो एक महीने में कम्प्लीट हो जाएगा। कशिश ने अंश की तरफ देखा,, क्योंकि
उसका हां करना भी जरुरी था।
अंश ने कशिश की हां में हां मिलाई और कह दिया
कि हां हो सकता है अगर हम कोशिश करें तो।
अब बॉस को भी लगा कि दोनों इतने कांफिडेंट है
तो एक मौका मिलना चाहिए। तो उन्होंने भी कह दिया कि चलो एक हफता है तुम्हारे
पास प्लान कर लो,, अगर प्रोगरेस ठीक रही तो आगे काम करेंगे।
दोनों बाहर आ गये। कशिश चाहती थी कि वो अंश से
इस बारे में बात की। उसने अंश से कहा नीचे कैंटीन चले कॉफी पीने। अंश ने कहा ओके चलो।
कशिश ने अंश से पूछा तुमने हां क्यों कहा क्या
सोचा था,,, क्या तुम्हें लगता है ये हो जाएगा?
अंश ने यही सवाल कशिश से किया,, क्या तुम्हें लगता है ये हो जाएगा? कशिश ने मुस्कुरा कर कहा हां,, जरुर होगा अगर तुम मेरे साथ हो
तो,,,
अंश ने भी कहा,, हो जाएगा अगर तुम चाहोगी तो।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
ये थी शुरुआत एक नई समझ की,,, एक नए एहसास की,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
और एक नई दोस्ती
की,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,