रविवार, 1 दिसंबर 2013

वो पनाह दोस्ती है पार्ट 37


कशिश और अंश फि‍र आमने सामने थे,,,, आज फि‍र कुछ स्‍पेशल हो रहा था,, कशिश अंश को देखकर बस देखती रह गई,,, अंश वो लम्‍हा जो वो बहुत पीछे छोड़ आई थी दोबारा उसे जीने का ख्‍याल भी वो छोड़ चुकी थी पर ये सच था,, अंश वाकई उसके सामने था,,, आखिरी बार जब अंश को देखा था तो वो अपनी बेटी के साथ दिखा था और आज अंश,,,एंकाश के साथ उसके सामने फि‍र खड़ा था,,,,,,,

कशिश कुछ कहती,, इससे पहले अंश बोल पड़ा,,हैप्‍पी बर्थडे कशिश,,,,,,, ये केक तुम्‍हारे लिये,,, एकांश लाया है तुम्‍हारे लिये,,,,,

हां,,, ये कह कर कशिश फि‍र चुप हो गई जैसे अपनी सांस फि‍र इकट्ठा करने की कोशिश कर रही हो,, ये समझने की कोशिश कर रही हो कि ये सब सच है और अंश उसके बेटे के साथ दरवाजे पर खड़ा है

अंश को देखकर कशिश ने कहा,, ये बदमाश कहां मिला तुम्‍हें?

अंश मुस्‍कुरा कर बोला,, नीचे पार्क में तुम्‍हारे लिये सफेद फूल तोड़ रहा था,,,

कशिश ने एकांश की तरफ इशारा कर कहा मैं इससे बात कर रही थी,, कि तुम कहां मिल गये इसे।

अंश मुस्‍कुराया,,बोला, ''मैं बदमाश''???

अंश ये कहकर कशिश की आंखों में शरारत साफ देख रहा था,, और अब उस लम्‍हें का भारीपन भी उस शरारत के साथ फुर्र हो गया था

कशिश ने अंश को अंदर आने को कहा और अपने बेटे एकांश और अंश की एक बार फि‍र मुलाकात करवाई,,, अंश एकांश से मिलकर काफी खुश हुआ पर वो सागर को ढूंढ रहा था जो उस वक्‍त वहां मौजूद नहीं था,,,

अंश ने कशिश से पूछा,, सागर कहां है कहीं दिखाई नहीं दे रहा,,

कशिश ने कहा,, सागर एकांश को ढूंढने गये है सुबह से गायब है हम सो कर उठे तो देखा वो नहीं था

अंश कशिश से बात करना चाहता था पर उसी वक्‍त उसका फोन रिंग होना शुरू हो गया,,, इन सबके बीच अंश को भी याद आया कि उसे होटल के कई काम निपटाने है अंश उठकर खड़ा हो गया और कहा कशिश तुम कब तक हो यहां?

तीन दिन रूकेंगे,, अंश यहां,,, तुम यही हो आजकल,, कशिश ने पूछा

हां, दो साल पहले ही आये यहां,, अब तो यही रहते भी है होटल के स्‍टाफ क्‍वाटर में,,, अंश ने जवाब दिया

कशिश की आंखों में अचानक चमक बढ़ गई थी उसने अंश ने पूछा,, मतलब तुम्‍हारी फैमिली भी यहां है आकृति और......
छवि नाम है उसका,,, मिलना है अंश ने पूछा

हां क्‍यों नहीं? कशिश ने कहा,,,

ठीक है तो आज शाम डिनर साथ करते हैं,, नीचे रेस्‍टोरेंट में,, अंश ने कहा

तुम्‍हारा नंबर नहीं है मेरे पास अंश,, कशिश ने धीरे से कहा,,

अंश जाने के लिये मुड़ चुका था लेकिन जाते जाते फि‍र मुड़ा और बोला नंबर तुम्‍हीं ने डीलीट करवायें थे कशिश,,,, बोलो अब दू क्‍या?


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