सपने क्या
पूरे होते है,, शायद
हां पर अगर नहीं हुए तो क्या
करना चाहिए,,, उनके
इंतजार में जिंदगी गुजार देनी
चाहिए या फिर जो सामने है उसे
सपने जैसा सुंदर बना देना
चाहिए,,,,,
कशिश के सामने भी अब दो रास्ते थे,, वो ये जान गई थी कि दुनिया में उसे सबसे ज्यादा प्यारा उसका वो दोस्त है जिसका इंतजार उसे हर वक्त रहता है लेकिन उसे ये भी पता था कि वो बस कुछ घंटे में उससे बहुत दूर जाने वाला है और उसका साथ दोबारा कभी मिलेगा या नहीं इसकी भी कोई गांरटी नहीं,,,
दूसरा रास्ता भी एक और दोस्त की तरफ ही जा रहा था वो दोस्त जिसके लिये कशिश से प्यारा दुनिया में कोई नहीं,, सागर,,, जिसने हमेशा कशिश के साथ रहने के लिये उसका इंतजार किया,,
तो अब कशिश को फैसला लेना था कि वो एक और इंतजार की शुरुआत करें,, वो भी एक ऐसे इंतजार की जिसके पूरे होने की कोई उम्मीद भी नहीं या फिर वो अपने एक और प्यारे दोस्त का इंतजार पूरा कर उसकी खुशियों को अपनी खुशी बना ले,,, कशिश के लिये फैसला करना मुश्किल था पर ये करने की हिम्मत उसे अंश से ही मिल रही थी
अंश जिसने आकृति के लिये इतना बड़ा फैसला एक मिनट में ले लिया,,, बिना कुछ सोचे उसकी जिंदगी को अपनी जिंदगी बना लिया,,, उसकी तकलीफों को दूर करने निकल पड़ा,, जो सब कुछ मैनेज कर आज उसकी खुशियों में शामिल होने आया है
कशिश अगर ये शादी नहीं करती तो सबसे ज्यादा दुख शायद अंश को होगा,, ये सोचकर कशिश ने अपने अंदर चल रहे तूफान को शांत कर मुस्कुराने की एक नई कोशिश के साथ नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाया। उसकी झिझक को भांपते हुए सागर ने स्टेज से उतर कर उसका हाथ थामा और मुस्कुराते हुए उसे स्टेज पर ले गया जैसे कह रहा हो कि इस बार तुम्हारी एक नहीं चलेगी अब बस वही होगा जो हमने तय किया था,,,,,,,,,,,,,,,,,
शादी की रस्मों में घंटों का वक्त कहां गायब हो गया अंश और कशिश को पता भी नहीं चला,,, शादी हो गई और अब बारी थी फिर से जुदाई यानि विदाई की,,,
अंश के उधार लिये आठ घंटे पूरे होने को थे और कशिश की विदाई का समय भी आ गया,,,, आंखों में आंसू और दिल में ढेर सारे अरमानों के साथ कशिश अपने अपनों की दुआएं लिये विदा हो रही थी पर एक विदाई उसे अंश से भी लेनी थी,, फिर वही एहसासों की बारिश हो रही थी इस बार भी एक दूसरे को अपने आंसू न दिखाने की नाकाम कोशिश करते हुए अंश और कशिश एक बार फिर अलग हो रहे थे दोनों में से किसी ने नहीं पूछा कि फिर कब मिलेंगे,,, बस एक दुआ की कि दोनों जहां भी रहे हमेशा खुश रहे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
कशिश के सामने भी अब दो रास्ते थे,, वो ये जान गई थी कि दुनिया में उसे सबसे ज्यादा प्यारा उसका वो दोस्त है जिसका इंतजार उसे हर वक्त रहता है लेकिन उसे ये भी पता था कि वो बस कुछ घंटे में उससे बहुत दूर जाने वाला है और उसका साथ दोबारा कभी मिलेगा या नहीं इसकी भी कोई गांरटी नहीं,,,
दूसरा रास्ता भी एक और दोस्त की तरफ ही जा रहा था वो दोस्त जिसके लिये कशिश से प्यारा दुनिया में कोई नहीं,, सागर,,, जिसने हमेशा कशिश के साथ रहने के लिये उसका इंतजार किया,,
तो अब कशिश को फैसला लेना था कि वो एक और इंतजार की शुरुआत करें,, वो भी एक ऐसे इंतजार की जिसके पूरे होने की कोई उम्मीद भी नहीं या फिर वो अपने एक और प्यारे दोस्त का इंतजार पूरा कर उसकी खुशियों को अपनी खुशी बना ले,,, कशिश के लिये फैसला करना मुश्किल था पर ये करने की हिम्मत उसे अंश से ही मिल रही थी
अंश जिसने आकृति के लिये इतना बड़ा फैसला एक मिनट में ले लिया,,, बिना कुछ सोचे उसकी जिंदगी को अपनी जिंदगी बना लिया,,, उसकी तकलीफों को दूर करने निकल पड़ा,, जो सब कुछ मैनेज कर आज उसकी खुशियों में शामिल होने आया है
कशिश अगर ये शादी नहीं करती तो सबसे ज्यादा दुख शायद अंश को होगा,, ये सोचकर कशिश ने अपने अंदर चल रहे तूफान को शांत कर मुस्कुराने की एक नई कोशिश के साथ नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाया। उसकी झिझक को भांपते हुए सागर ने स्टेज से उतर कर उसका हाथ थामा और मुस्कुराते हुए उसे स्टेज पर ले गया जैसे कह रहा हो कि इस बार तुम्हारी एक नहीं चलेगी अब बस वही होगा जो हमने तय किया था,,,,,,,,,,,,,,,,,
शादी की रस्मों में घंटों का वक्त कहां गायब हो गया अंश और कशिश को पता भी नहीं चला,,, शादी हो गई और अब बारी थी फिर से जुदाई यानि विदाई की,,,
अंश के उधार लिये आठ घंटे पूरे होने को थे और कशिश की विदाई का समय भी आ गया,,,, आंखों में आंसू और दिल में ढेर सारे अरमानों के साथ कशिश अपने अपनों की दुआएं लिये विदा हो रही थी पर एक विदाई उसे अंश से भी लेनी थी,, फिर वही एहसासों की बारिश हो रही थी इस बार भी एक दूसरे को अपने आंसू न दिखाने की नाकाम कोशिश करते हुए अंश और कशिश एक बार फिर अलग हो रहे थे दोनों में से किसी ने नहीं पूछा कि फिर कब मिलेंगे,,, बस एक दुआ की कि दोनों जहां भी रहे हमेशा खुश रहे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,