नोटबंदी
का असर बैंकों,
एटीएम और
पोस्ट ऑफिस के बाहर साफ दिख
रहा है परेशानी की लाइनें
पिछले 11 दिन
में बढ़ती घटती दिखाई दी है...
भ्रष्टाचार
और कालेधन को लेकर उठाया गया
ये कदम क्या वाकई असरदार है?
क्या इसके
असर से अर्थव्यवस्था बच पाएगी...
बाजार,
कारोबार,
होटल,
रियल एस्टेट
और लग्जरी आइट्म के साथ पूरी
जीडीपी पर नोटबंदी का क्या
असर होगा इसका आंकलन किया जा
रहा है
नोटबंदी
पर मोदी सरकार का फैसले की
तारीफ और आलोचना दोनों हो रही
है लेकिन मुसीबतों का दौर जारी
है... बैंकों
के बाहर खड़े लोगों की परेशानी
कम नहीं हुई है उधर हर किसी पर
इसका असर साफ दिखाई दे रहा
है.... ग्राहक
है नहीं क्योंकि बिना कैश के
शॉपिंग नहीं हो सकती नतीजा
ये कि बाजार के लिए मुसीबत
बरकरार है. खासकर
उद्योग धंधे चलाने वाले
कारोबारियों को ज्यादा मुश्किलें
हो रही है. इंडस्ट्री
के लिये मुश्किल समय है साथ
ही काम करने वाले मजदूरों के
हाथ खाली हैं.
500 और
एक हजार के पुराने नोट बंद
करने के फैसले का बैंकों पर
सकारात्मक असर पड़ा...
कैश से लबालब
है बैंक लेकिन लोगों की खरीदने
की क्षमता कम हो गई है...
कड़ी मशक्कत
के बाद मिले थोड़े से कैश को
लेाग जरूरी चीजों पर खर्च करना
चाहते हैं..
दुकानें
खुली हैं लेकिन ग्राहक नहीं
आ रहे.... होटल
और टूरिज्म भी सबसे मुश्किल
दौर से गुजर रहे हैं सीजन की
बुिकंग कैंसल हो गई है...
रोजमर्रा
की चीजें खरीदने ही आफत है तो
लग्जरी आइट्म को लेकर भी लोगों
ने खर्चा न करने का ही फैसला
लिया है.... ज्वैलरी,
महंगा सामान
और ऑटो सैक्टर पूरी तरह मंद
पड़ा नजर आ रहा है...
पहले
से मंदी झेल रहे रियल एसटेट
के लिये ये सबसे बड़ा झटका
माना जा रहा है प्रोपटीर्
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसके
असर से उभरने में बाजार को
लंबा वक्त लग जाएगा...
दिक्कत ये
भी है कि सीमेंट और स्टील बाजार
भी डाउन है यानि कंस्र्टक्शन
करना भी मुश्किल है
एक्सपर्टस
का मानना है कि नोटबंदी के
फैसले का असर कहीं अर्थव्यवस्था
पर भारी न पड़ जाये...क्योंकि
देश की कुल करेंसी में इन दो
नोटों की मौज़ूदगी लगभग 86
प्रतिशत
है. ऐसे
में इस बदलाव से देश की कैश
संचालित अर्थव्यवस्था पर
भारी ख़तरा मंडरा रहा है.
अर्थशास्त्रियों
का मानना है अगले छह महीने
इकोनॉमी के लिये मुिश्कल भरे
हो सकते हैं लेकिन अगले वित्त
वर्ष में इसका फायदा दिख सकता
है
आशंका
है कि नोटबंदी का असर सर्दियों
में होने वाली रबी की फसल पर
भी पड़ेगा, हालांकि
ये साफ नहीं है कि इसका असर
खाद्य पदार्धों की कीमतों पर
पड़ेगा या नहीं..
नोटबंदी
के फैसले के बाद फिलहाल भले
ही एटीएम और बैंकों के बाहर
लोगों की लाइनें को देखकर
अंदाजा लगाया जा रहा हो कि ये
फैसला सही है या नहीं लेकिन
असल नतीजा तब सामने आएगा जब
अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा
असर दिखेगा...
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