सोमवार, 5 सितंबर 2016

गांधी का अपमान सहन कर रहे हैं केजरीवाल?

दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े नेता भी. अपने आदर्शों और उसूलों की दुहाई देने वाले केजरीवाल से एक सवाल का जवाब विपक्ष मांग रहा है सवाल ये कि आप नेता आशुतोष के ब्लॉग पर अब तक चुप क्यों हैं केजरीवाल... और सवाल इसलिये भी उठता हैं क्योंकि बापू के सबसे बड़े भक्त होने का दावा करते हैं केजरीवाल..

दिल्ली का राजघाट हमेशा से उन लोगों के लिये खास रहा है जो नैतिकता और आदर्शों को अपनी जिंदगी में सबसे उपर जगह देते हैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताये रास्ते पर चलने का दम आम आदमी पार्टी बनाने से पहले से अरविंद केजरीवाल भी भरते आ रहे हैं अन्ना आंदोलन और लोकपाल की लड़ाई के दौरान भी राजघाट की अहमियत केजरीवाल की नजर में सबसे बड़ी थी अहिंसक आंदोलन चलाने के महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ा रहे थे केजरीवाल....

जब आंदोलन से बात नहीं बनी और राजनीति की बिसात पर अपने अस्तित्व की नींव आम आदमी पार्टी रख रही थी तब भी राजघाट जाकर गांधीजी का आर्शीवाद लेना नहीं भूले केजरीवाल.. सच्चाई और ईमानदारी के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का एलान राजघाट से ही किया था केजरीवाल ने...

प्रचार के दौरान न जाने कितने बार राजघाट पर तपस्या की... पहली जीत से दिल्ली की गद्दी पर आगाज करने से पहले भी केजरीवाल अपने साथियों के साथ राजघाट पहुंचे और संदेश दिया कि गांधी के बताये रास्ते पर बिना डरे चलेंगे...
पहली बार सरकार भले ही 49 दिन में सत्ता से बाहर हो गई लेकिन केजरीवाल और गांधी का साथ नहीं छूटा... प्रचार के दौरान विरोध के रूप में जब एक ऑटो वाले ने थप्पड़ जड़ा तो राजघाट पहुंच आंसू बहाकर आत्म मंथन भी किया केजरीवाल ने....

हर साल हर बार राजघाट पर जाकर बापू की जंयती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी केजरीवाल ने... केजरीवाल गांधी को तब भी नहीं भूलते जब विरोधियों के हमले तेज होते हैं ट्वीट के जरीये कई बार केजरीवाल ने बापू की कही बातों को याद किया...

ये सब याद कराने का मकसद सिर्फ इतना कि गांधी को अपने आदर्शों के चरम पर बिठाने वाले केजरीवाल ने आशुतोष का ब्लॉग पर कुछ नहीं कहा... ये तो संभव नहीं की अब तक केजरीवाल ने आशुतोष के गांधी और नेहरू के चरित्र पर सवाल उठाने वाले ब्लॉग को ना पढ़ा हो... पढकर चुप क्यों है केजरीवाल ये समझना मुश्किल है गांधी का अपमान सहन कर रहे हैं केजरीवाल या उन्हें ये अपमान लगा ही नहीं?

विरोधी सवाल कर रहे हैं कि हर बार गांधीजी की समाधि राजघाट जाकर जो श्रद्धा और भक्ति केजरीवाल दिखाते हैं वो अब क्या राजनीतिक फायदा लेने की आड़ में कहीं धुंधली पड़ गई है... सही बात गलत समय कहने और सही समय पर गलत बात कहने के फायदे और नुकसान उठाने पड़ते हैं आम आदमी पार्टी और खासतौर पर केजरीवाल की चुप्पी आप पर असर डाल सकती है.


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