शुक्रवार, 2 सितंबर 2016

सिद्धू की गुगली से AAP के चेहरे का रंग उड़ गया

पंजाब में आम आदमी पार्टी को नवजोत सिंह सिद्धू ने पूरी तरह क्लीन बोल्ड कर दिया है सिद्धू को आप का हिस्सा बनाने की आस लगाये बैठी आप को सिद्धू की गुगली का सामना करना पड़ रहा है सिधू ने पंजाब में नया राजनीतिक फ्रंट आवाज ए पंजाब बनाया है
आप की आंखों में सिद्धू के साथ की आस थी एक महीने से ज्यादा के इंतजार का ये नतीजा हुआ कि सिद्धू की गुगली से आम आदमी पार्टी के चेहरे का रंग उड़ गया. सिर्फ आप ही नहीं पंजाब की राजनीति में एक सरप्राइज पैकेज है ये नया राजनीतिक फ्रंट. आवाज ए पंजाब बनने से पंजाब में चुनाव से पहले एक राजनीतिक समीकरण बनता नजर आ रहा है
आप और बीजेपी में अपने बेहतर भविष्य की तलाश कर रहे सिद्धू को अब शायद वो मिल गया है जिसे पाने की उन्हें ख्वाहिश थी. नये फ्रंट की अगुवाई नवजोत सिंह सिद्धू ही करेंगे. नए फ्रंट में नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्‍नी नवजोत कौर सिद्धू के साथ हॉकी के महारथी रहे परगट सिंह और लुधियाना से निर्दलीय विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और उनके भाई बलविंदर सिंह बैंस हैं जो बैंस बंधु के नाम से जाने जाते हैं। दावा है कि नए फ्रंट में शामिल लोग पंजाब में नई राजनीति शुरू करना चाहते हैं जो मौजूदा राजनीति से हटकर होगी।

पंजाब को बेईमानीभ्रष्‍टाचारड्रग्‍स माफिया और दूसरे बड़ी समस्‍याओं से उबारने के मकसद से बना ये मंच किसी भी राजनीतिक दल से कोई समझौता या गठजोड़ नहीं करेगा. इस मंच के बनने से सबसे बड़ा नुकसान आप को हो रहा है क्योंकि सुच्‍चा सिंह के पार्टी से बाहर होने और सिद्धू के शामिल न होने पर आम आदमी पार्टी परगट सिंह को पार्टी का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही थी. इस नये फ्रंट में एक उम्मीद उन उम्मीदवारों को भी नजर आ रही है जिन्हें आप की दो लिस्ट में जगह नहीं मिली. इसके अलावा कांग्रेसबीजेपी और अकाली दल से भी कुछ अच्‍छे नेता इस फ्रंट में शामिल हो सकते हैं। यानि अभी और उठा पटक पंजाब में देखने को मिल सकती है 

आवाज ए पंजाब फ्रंट में शामिल नेताओं के बारे में थेाड़ा और जानते हैं 

नया मंच पंजाब की राजनीति को एक नया मोड़ दे रहा है इस मोर्चे की अगुवाई
1. नवजोत सिंह सिद्धू कर रहे हैं सिद्धू के साथ उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू भी इसमें शामिल है दोनों ही बीजेपी से जुड़े रहे हैं। पूर्व कि्रकेटर नवजोत सिंह सिद्धू का राजनीतिक सफर   2004  में शुरू हुआ तब से साल 2014  तक अमृतसर से सिद्धू बीजेपी के लोकसभा सांसद रहे।  साल 2016में बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाकर भेजा.   लेकिन पार्टी में रहकर खुश नहीं थे नाराजगी इतनी बढ़ी कि सिद्धू ने पंजाब की आवाज न उठाने देने की बात कहकर इस्तीफा दे दिया।
2. नवजोत कौर सिद्धू भी इस मंच का एक अहम हिस्सा है अमृतसर से  2012  में बीजेपी के टिकट पर वो एमएलए चुनी गईं। उन्हें बीजेपी-अकाली सरकार में सीपीएस बनाया गया। लेकिन सिद्धू की तरह इनकी नाराजगी भी बढ़ी बताया ये जा रहा है कि दोनों को बीजेपी का अकाली से गठबंधन मंजूर नहीं था

3. बैंस बंधु। सिमरजीत सिंह बैंस और बलविंदर सिंह बैंस दोनों भाई हैं। सिमरजीत सिंह लुधियाना के आत्मनगर से एमएलए हैं। उनके भाई बलविंदर सिंह बैंस लुधियाना साउथ से एमएलए हैं। ये दोनों भाई टीम इंसाफ अगेंस्ट माफिया के सदस्य भी हैं।
4. परगट सिंह। पूर्व हॉकी खिलाड़ी हैं। हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं। पंजाब पुलिस के साथ जुड़े रहे।  2012  में शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर जालंधर ईस्ट से एमएलए चुने गए। पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उन्हें पिछले दिनों पार्टी से निकाल दिया गया था।
पंजाब की राजनीति में अपनी जगह बना चुके ये चेहरे अब अपने नये मंच के जरीये पंजाब में पहचान बनाना चाहते हैं इनका टारगेट 2017 चुनाव है जिसकी तैयारी जोर शोर से शुरू करने का दावा किया जा रहा है






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