शुक्रवार, 9 जून 2017

जागाने या राजनीति करने आए कपिल?

जनता के लिये अपने दरवाजे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तक खोले जब लगा कि जनता उनसे दूर जा रही है फरियादियों से हर रोज मिलने के लिये बिना अपाइंटमेंट तैयार रहने का दावा किया गया... लेकिन आज जनता दरबार के दरवाजे सीएम ने खुद बंद करवा दिये... क्योंकि फरियादियों की कतार में एक फरियादी ऐसा भी था जिसके नाम से ही दिल्ली सरकार के कान खड़े हो जाते हैं....
कपिल मिश्रा ने ''जाग मुसाफिर सवेरा होया'' गीत गाकर विरोध जताया...
अरविंद केजरीवाल को जगाने फरियादी बनकर उनके घर पहुंचे कपिल मिश्रा... गाना इसलिये पड़ा क्योंकि बात करने के लिये केजरीवाल ने अपने दरबार के दरवाजे खोले ही नहीं... कभी केजरीवाल के जिगर का टुकड़ा हुआ करते थे कपिल लेकिन अब उनके आने की खबर से ही केजरीवाल ने घर के आगे पुलिस बेरिकेटिंग करवा दी...केजरीवाल के सबसे युवा और जुझारू मंत्री थे कपिल... जुझारू आज भी है लेकिन अब वक्त बदल चुका है दोनों के बीच कड़वाहट इतनी बढ़ गई कि कपिल से मिलना तो क्या उसे देखना भी गवारा नहीं केजरीवाल को....



दोनों के बीच पुलिस की दीवार खड़ी की गई... शायद डर था कि फिर वैसा ही ड्रामा और एक्शन होगा जैसा पिछले दिनों दिल्ली विधानसभा में हुआ था। हालांकि कपिल ने इस मौके को भी नहीं छेाड़ा लोगों को इकट्ठा कर विरोध तो जता ही दिया
हालांकि अंदर से बुलावा भेजा भी केजरीवाल ने... कपिल मिश्रा को मुलाकात के लिए अकेले बुलाया। लेकिन कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए... कहा थे मैं केजरीवाल नहीं हूं जो अपने साथियों को छोड़कर अकेला चला जाए।



मुलाकात का ऑफर ठुकरा दिया कपिल ने क्या ये माना जाए कि उनकी दिलचस्पी जनता दरबार में सीएम से मुलाकात से ज्यादा अपनी मौजूदगी का एहसास कराने में थी। कपिल मिश्रा अंदर नहीं गए बाहर ही अपनी मंडली के साथ गीत गाए... उधर अपने आवास में केजरीवाल जनता दरबार लगाए रहे। दोनों में कोई तालमेल नहीं हो सका। जाते जाते कपिल ये भी कह गये कि अबकी बार तो पुलिस ने रोक लिया लेकिन अगली बार जब आऊंगा तो पुलिस भी नहीं रोक पाएगी।

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