आम
आदमी पार्टी की उपचुनाव में
हार के बाद पार्टी मंथन के दौर
से गुजर सकती है लेकिन इस हार
के पहले ही जो पार्टी से अलग
थलग दिखाई दे रहे हैं उनका
क्या?
कभी
केजरीवाल के साथ जीत के गीत
सुनाते कुमार विश्वास सीधे
तो नहीं लेकिन ट्विटर के जरीये
आप पर कई कमेंट करते रहे हैं
राजौरी गार्डन की हार के बाद
भी कुमार का कमेंट सुर्खियां
बन रहा है और इसके बाद एक सवाल
फिर खड़ा हुआ है कि क्या आप से
विश्वास डगमगा रहा है कुमार
विश्वास का?
आप को आप की जगह दिलाने में सबसे आगे दिखे कुमार विश्वास पिछले कई महीनों से आप के फ्रेम से गायब है न तो वो पंजाब में दिखे और न ही गोवा के बाद दिल्ली के उपचुनाव में... लेकिन आप से नाता हमेशा उनके ट्वीट में दिखाई दिया... ये ट्वीट हालांकि उनके पर्सनल हो सकते हैं लेकिन कही न कही ये संकेत लगते हैँ आप की सियासी चाल पर उनके विचारों के... कुमार के कमेंट का सिलसिला राजौर उपचुनाव के नतीजों से करें तो नतीजे आते ही
कुमार ने ट्वीट किया
''पानी आँख में भर कर लाया जा सकता है, अब भी जलता शहर बचाया जा सकता है (अब्बास ताबिश)''
कवि कुमार कह सकते हैं कि ये सिर्फ एक शेर है और इसके राजनीतिक अर्थ नहीं हैं. लेकिन इस ट्वीट की ‘टाइमिंग’ ने उन सुगबुगाहटों को जरूर बढ़ा दिया है जो पंजाब चुनावों के समय से जारी हैं. AAP के टॉप-5 नेताओं में शुमार कुमार विश्वास तभी से पार्टी से नाराज दिख रहे हैं. और इस बार ये सूत्रों के हवाले से नहीं बिलकुल उनकी खुद की गतिविधियों के जारीये साबित कर रहा है बाकी कुछ और नहीं तो उनके पिछले कुछ महीनों के ट्वीट खास तौर पर इशारा कर रहे हैं कि वो या तो आप से नाराज हैं या फिर आप उनसे अब कोई सरोकार नहीं रख रही
कुमार के कुछ ट्वीट सुनिये आप खुद ही अंदाजा लगा लेंगे....
''इक सदा पैग़ाम देती फिर रही दर-दर, चुप्पियों से भी बड़ा है चुप्पियों का डर.''
''मैं तो इस वास्ते चुप हूँ कि तमाशा न बने, वो समझता है कि मुझे उससे गिला कुछ भी नहीं. ''
''शोर थम जाएगा आवाज़ बचेगी मेरी...! ''
"मैंने गिनती सिखाई थी जिसको, वो पहाड़ा पढ़ा रहा है मुझे.....!"
कुमार विश्वास के इस ट्वीट के बाद मश्हूर शायर राहत इंदोरी ने रिप्लाई कर कुमार के संकेतो को और खुलकर बयान कर दिया राहत इंदोरी ने ट्वीट किया
''सलीक़ा हमने सिखाया था जिनको चलने का, वो लोग आज...हमें दाएं बाएं करने लगे....''
इसके अलावा पांच राज्यों में चुनाव के नतीजों के दिन यानि 11 अप्रैल को भी कुमार ने ट्वीट किया जिसमें लिखा
''तारीख़ नहीं लिखी जातीं किरदार पुराने लेकर? हर जंग नहीं जीती जाती हथियार पुराने लेकर !''
आप को आप की जगह दिलाने में सबसे आगे दिखे कुमार विश्वास पिछले कई महीनों से आप के फ्रेम से गायब है न तो वो पंजाब में दिखे और न ही गोवा के बाद दिल्ली के उपचुनाव में... लेकिन आप से नाता हमेशा उनके ट्वीट में दिखाई दिया... ये ट्वीट हालांकि उनके पर्सनल हो सकते हैं लेकिन कही न कही ये संकेत लगते हैँ आप की सियासी चाल पर उनके विचारों के... कुमार के कमेंट का सिलसिला राजौर उपचुनाव के नतीजों से करें तो नतीजे आते ही
कुमार ने ट्वीट किया
''पानी आँख में भर कर लाया जा सकता है, अब भी जलता शहर बचाया जा सकता है (अब्बास ताबिश)''
कवि कुमार कह सकते हैं कि ये सिर्फ एक शेर है और इसके राजनीतिक अर्थ नहीं हैं. लेकिन इस ट्वीट की ‘टाइमिंग’ ने उन सुगबुगाहटों को जरूर बढ़ा दिया है जो पंजाब चुनावों के समय से जारी हैं. AAP के टॉप-5 नेताओं में शुमार कुमार विश्वास तभी से पार्टी से नाराज दिख रहे हैं. और इस बार ये सूत्रों के हवाले से नहीं बिलकुल उनकी खुद की गतिविधियों के जारीये साबित कर रहा है बाकी कुछ और नहीं तो उनके पिछले कुछ महीनों के ट्वीट खास तौर पर इशारा कर रहे हैं कि वो या तो आप से नाराज हैं या फिर आप उनसे अब कोई सरोकार नहीं रख रही
कुमार के कुछ ट्वीट सुनिये आप खुद ही अंदाजा लगा लेंगे....
''इक सदा पैग़ाम देती फिर रही दर-दर, चुप्पियों से भी बड़ा है चुप्पियों का डर.''
''मैं तो इस वास्ते चुप हूँ कि तमाशा न बने, वो समझता है कि मुझे उससे गिला कुछ भी नहीं. ''
''शोर थम जाएगा आवाज़ बचेगी मेरी...! ''
"मैंने गिनती सिखाई थी जिसको, वो पहाड़ा पढ़ा रहा है मुझे.....!"
कुमार विश्वास के इस ट्वीट के बाद मश्हूर शायर राहत इंदोरी ने रिप्लाई कर कुमार के संकेतो को और खुलकर बयान कर दिया राहत इंदोरी ने ट्वीट किया
''सलीक़ा हमने सिखाया था जिनको चलने का, वो लोग आज...हमें दाएं बाएं करने लगे....''
इसके अलावा पांच राज्यों में चुनाव के नतीजों के दिन यानि 11 अप्रैल को भी कुमार ने ट्वीट किया जिसमें लिखा
''तारीख़ नहीं लिखी जातीं किरदार पुराने लेकर? हर जंग नहीं जीती जाती हथियार पुराने लेकर !''
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