,,,,,,,,,इतनी टेंशन के बाद अंश के चेहरे पर अब मुस्कान थी,,,,अंश के
सामने एक टेबल था जिस पर एक केक रखा था,,,, ब्लैक फोरेस्ट,,,, कशिश ने अंश के
लिये हैप्पी बर्थडे सोंग गाना शुरु कर दिया,,,, आज अंश का बर्थडे है,, अंश को
यकीन नहीं हो रहा था कि कशिश को पता है और उसने ये सब किया। जो भी था अंश को इतनी
हैरानी शायद ही कभी पहले हुई थी,,,इस तरह से उसका बर्थडे तो किसी ने नहीं मनाया
था।
कशिश ने अंश से कहा अब केक काटे ,, और नहीं रुक सकती,,, अंश ने केक
काटा और दोनों ने खाया।
अंश ने कशिश से कहा,,, तुमने ये सब किया मुझे बहुत अच्छा लगा पर एक
बात बताओं ये सब इसी वक्त क्यों किया,,, दिन में भी बर्थडे मना सकते थे ना, पता
है मैं कितना घबरा गया था,,,,,,,,,,,
कशिश जोर से हंसी और बोला मजा आया कि नहीं,,, उसकी शरारत ने अंश को
भावुक कर दिया था,,,,
अंश ने कहा कशिश बर्थडे केक तो हो गया अब ये बताओ मेरा गिफट कहां
है,,,
कशिश ने कहा गिफट तो यही है ना और क्या चाहिए,,,,,,,,,,,
अंश ने यहां सिर्फ तुम हो जिसे मेरा बर्थडे याद है मेरे सारे दोस्त
तो पुराने शहर में है,,,, यहां कोई नहीं है बोलो बर्थडे कैसे मनाए।
मेरे साथ बर्थडे मनाना है तुम्हें,,,, कशिश ने पूछा
हां बोलो कहां चले,,, अंश ने पूछा,,,,
ठीक है अगर तुम कहोगे तो कुछ प्लान कर लेते है वैसे भी संडे है और इस
काम के चक्कर में हमने कोई छुट्टी भी नहीं है अब तो ले ही लेते है,,,,कशिश ने
कहा,,,,,,
अब प्लान बना कहीं जाने का,,, पर सबसे बड़ा सवाल था कि कहां? कुछ बताओ न कशिश क्या
करें,,,,
पहले मुझे घर छोड़ो बहुत रात हो गई है,,, नींद आ रही है। कशिश ने
कहा,,,,
ठीक है चलो, चलते है पर ये सब तुमने क्यों किया,,,,,, अंश ने पूछा
क्यों मतलब, हम दोस्त है न, दोस्तों को स्पेशल फील कराना चाहिए,,
एक लाइन याद आई बता दूं,, कशिश ने कहा,,,
हां बोलो न अंश ने जवाब दिया,,,,,
इस पर कशिश ने कहा,,
“दोस्ती कोई खोज नहीं होती;
यह हर किसी से हर रोज नहीं होती;
अपनी जिंदगी में हमारी मौजूदगी को बेवजह मत समझना;
क्योंकि, पलके कभी आँखों पर बोझ नहीं होती!”
यह हर किसी से हर रोज नहीं होती;
अपनी जिंदगी में हमारी मौजूदगी को बेवजह मत समझना;
क्योंकि, पलके कभी आँखों पर बोझ नहीं होती!”
अब अंश के पास बोलने को कुछ नहीं था,,,,,,,,,,,,,,,,,,
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