अंश के बारे में क्या बताउ,,, अंश
बिलकुल अलग,,,कम बोलने वाला,,,कशिश से एकदम उलट,,,अपनी दुनिया में गुम,,
गंभीर,,,किसी से आसानी से बात करना तो उसकी शान के खिलाफ था। पर हां अगर कोई पसंद
आ जाये तो उसके लिये कुछ भी कर सकता था अंश। अपने परिवार को लेकर बेहद भावुक अंश
ने पढाई ज्यादा नहीं की क्योंकि परिवार की जिम्मेदारी छोटी उम्र में ही उसके
कंधों पर आ गई थी,,, वैसे भी एवरेज स्टूडेंट था बस एक नौकरी चाहिए थी जो मिल गई
थी। कशिश और उसके बीच दोस्ती जैसे नामुमकिन थी दोनों के बीच कोई मेल ही नहीं था
पर कभी कभी किस्मत ऐसे खेल खेलती है,,,, दो अजनबी एक राह में मिलते है और फिर
अजनबी नहीं रहते।
कशिश ने कैब में अंश को देखा उसे
लगा कोई नया है पर उसे कुछ खास फर्क नहीं पड़ा। अंश ने भी कशिश को देखकर अनदेखा कर
दिया। जानते नहीं थे तो बात कैसे करते,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
ऑफिस आ गया,,, दोनों कैब से
उतरे और अंदर चले गये,,,,,,,,,,,,,,,,,
बॉस ने कशिश को बुलाया और बोला
कि तुम्हें एक नया प्रोजेक्ट देना है और इस नये प्रोजेक्ट में एक नया पार्टनर
भी होगा तुम्हारे साथ,,,, कशिश ने सोचा कौन हो सकता है,,,,,,,,,,,,,,,,तभी उस रूम
में अंश की इंट्री हुई,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अंश को देखकर कशिश को याद आया कि
ये तो वहीं है जो आज सुबह कैब में था। बॉस ने इंट्रोडयूस करवाया बोला ये अंश है
तुम्हारे साथ इस प्रोजेक्ट पर काम करेगा। नया है तो सब कुछ समझा देना ओके,,,,
कशिश ने अंश को हेलो कहा अंश ने भी हैलो कहा और दोनों बाहर आ गये।
एक घंटा हो गया था कशिश इंतजार
कर रही थी कि शायद अंश उसके पास आएगा और पूछेगा नये प्रोजेक्ट के बारे में,,, पर
ऐसा नहीं हुआ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
अंश अपने रूम में बैठा अपने
लैपटॉप पर काम कर रहा था कशिश को बहुत अटपटा लगा,,,,,,,, उसने सोचा काफी अकड़ू है
कुछ पूछना तो था,,,,,,,,,,,,, पर अंश ने तो ऐसा कुछ नहीं किया। कशिश खुद अंश के
पास गई और उससे पूछा आपको मेरे साथ काम करना है कुछ प्रोबल्म है यहां तो
बताइये,,, अंश ने कहा नहीं कोई प्रोबल्म नहीं,,, कशिश को ये काफी अजीब लगा,,,,,,एक
तो अंश ऑफिस में नया था यहां के काम करने का तरीका उसे पता नहीं और वो कुछ पूछने
को भी तैयार नहीं,,,,, ऐसा कैसे चलेगा,,,, कशिश ने सोचा कैसे काम होगा,,, इसके
साथ,,,, फिर उसने सोचा कि शायद उसे ही कुछ करना पड़ेगा,,,,,,,,, बात तो करनी
पड़ेगी नहीं तो बात होगी कैसे।
बस यही सोचकर कशिश चेयर लेकर अंश
के सामने बैठ गई और बोला अंश क्या हम बात कर सकते है,, अंश का ध्यान अपने लैपटॉप
पर ही था,,, फिर भी उसने कहा हां जरूर बोलो,,,,,,
कशिश को थोड़ा गुस्सा आया उसने
अंश को देखा और बोला आप अपना लैपटॉप कुछ देर बंद कर सकते है प्लीज,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
अंश को लगा कशिश शायद बुरा मान
गई उसने जल्दी से अपना लैपटॉप बंद किया और बात करने लगा।
अब कशिश को कुछ ठीक लग रहा था
कशिश ने कहा दरअसल हमें जिस प्रोजेक्ट पर काम करना है उसके लिये इंफोरमेशन निकालनी
पड़ेगी,,, उसी के लिये बात करनी था तुमसे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,इस पर अंश ने कहा
कि हां मैं वही कर रहा था मैंने सोचा पहले इंफोरमेशन निकाल लू फिर हम तय करें आगे
क्या करना है।
अब कशिश को लगा कि वो जो अंश के
बारे में सोच रही थी,,,,वो शायद गलत था अंश उतना अकड़ू नहीं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
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