शनिवार, 24 अक्टूबर 2009

ab bari hai twist ki part 3

मानव उस दिन बहुत खुश था घर पहुंचा तोह घर वाले भी बेहद खुश हुए उसने सबसे मुलाक़ात की. परिवार के अलावा दोस्तों से भी मिला सब खुश थे रोज़ नेहा को फ़ोन भी करने लगा लेकिन नेहा ने ही कहा की ये वक़्त उसे परिवार के साथ बिताना चाहिए नेहा से बात वापस आकर हो जायेगी. मानव अपने परिवार के साथ खुश था सब कुछ कितना अच्छा चल रहा था.
एक दिन मानव के घर कुछ लोग आये वोः मानव के लिए रिश्ता लेकर आये थे परिवार वालों ने सब कुछ पहले से तय कर रखा था बस मानव का इंतजार था. उसी दिन मानव की सगाई हो गयी इससे पहले की वोः कुछ समझ पता एक अनजान लड़की उसकी जीवनसाथी बनेगी ये फैसला हो गया था ...

मानव क्या कहता वोः तो जानता था की ऐसा ही होना है. घर का बड़ा बेटा था ओर अपनी मर्ज़ी से शादी करने का हक उसे नहीं था ऐसा नहीं था की परिवार पुराने ख़यालात का था पर ये सब करना घर के बड़े बेटे ओर मानव जैसे अच्छे बेटे को शोभा नहीं देता है मानव यह बात अच्छी तरह जानता था शायद इसलिए उसने कहा की उसे प्यार नहीं हो सकता लेकिन अब उसे पता चला की प्यार फैसले से नहीं होता बस हो जाता है ओर मानव को भी हो गया था.....

हिंदी फिल्म होती तोह शायद हीरो परिवार से लड़ जाता लेकिन ये रियल  लाइफ है दोस्त यहाँ पिता का गुस्सा ओर माँ के आसुओं से लड़ने की ताक़त सब के पास नहीं होती ओर फिर लादे भी क्यूँ बचपन से जो बात पता थी जिसे हर पल स्वीकार किया दिल में बिठा लिया था उसे गलत कैसे साबित करता...आखिर मंज़ूर कर ही लिया

शादी तय हो गयी ६ महीने बाद के तारीख थी काफी सोचा लेकिन कुछ समझ नहीं आया फिर लग रहा था की नेहा उससे हमेशा के लिए दूर जा रही है ....

छुटियाँ ख़त्म होने वाली थी घर में तो सब खुश थे  लेकिन मानव खुश होने की कोशिश कर रहा था वापस लौटने का दिन आ गया ख़ुशी थी की नेहा से मिल पायेगा लेकिन दुःख भी था की उससे क्या कहेगा क्या उसे बता देना चाहिए की शादी पक्की हो गयी वोः क्या सोचेगी क्या बात पहले की तरह होती रहेगी या फिर कुछ फर्क आ जायेगा
और सबसे बड़ा सवाल ये की क्या वोः नेहा को भूल कर अपनी पत्नी को खुश रख पायेगा ?????


 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

MY BOOK : Pyar Mujhse Jo Kiya Tumne

नभ और धारा की ये कहानी दोस्‍ती, प्‍यार और नफरत के बीच के अजीब सफर से गुजरती है। नभ एक आर्मी ऑफिसर है, जो आर्मी में इसलिए गया क्‍योंकि उसे अप...