सुच्चा
सिंह ने फिर आम आदमी पार्टी
पर गंभीर आरोप लगाये हैं स्टिंग
का जवाब और सफाई देकर सुच्चा
सिंह ने एक नई बहस छेड़ दी है
बहस इस बात की क्या पंजाब के
लिये आप में टिकट दो करोड़ की
बिकी?
आम
आदमी पार्टी में टिकट बेचे
जाते हैं...
करोड़ों
में होती है टिकट की डील...
पार्टी
में टिकट 2-2
करोड़
में बिकी...
32 में
से 25
कैंडिडेट
करप्ट...
ये
आरोप नये हैं लेकिन अंदाज वही
पुराना है ईमानदारी छवि बनाने
का दावा करने वाली आप पर बार
बार ये आरोप क्यों लग रहे हैं
ये सवाल उठना लाजमी है दिल्ली
के बाद पंजाब में पैर पसार रही
आप को अपनी ईमानदारी का सबूत
देने पर मजबूर करने वाले कोई
और नहीं पंजाब संयोजक सुच्चा
सिंह छोटेपुर हैं एक स्टिंग
ने फिर आप की अंदरूनी राजनीति
को सतह पर लाकर खड़ा कर दिया
है सुच्चा सिंह ने आरोप लगाया
कि आप में पंजाब चुनाव के लिये
टिकटों को बेचा गया दो दो करोड़
में टिकट का दाम लगा...
सुच्चा
सिंह जैसे सीनियर नेता का ये
आरोप नजरअंदाज करना न तो
विरोधियों के लिये मुमकिन है
और न ही ईमानदारी की दुहाई
देने वाली आम आदमी पार्टी के
लिये...
सुच्चा
सिंह की प्रेस कांफ्रेंस और
स्टिंग को लेकर पीएसी की बैठक
ने फैसला कर सुच्चा सिंह को
संयोजक पद से तो हटा दिया लेकिन
किसी ने इसका जवाब नहीं दिया
कि क्यों बार बार पार्टी के
बड़े नेता ही इस तरह के आरोप
लगाते हैं....
सुच्चा
सिंह के तेवर प्रशांत भूषण
और योगेंद्र यादव की भी याद
दिलाते हैं आम आदमी पार्टी
के फाउंडर मेंबर होने के बावजूद
पार्टी में बात न सुने जाने
का आरोप और फिर पार्टी से निकाले
जाने के बाद प्रशांत भूषण और
योगेंद्र यादव ने भी चीख चीख
कर कहा कि आप में टिकट बंटवारा
पैसों के लेन देन से हो रहा है
प्रशांत
भूषण ने 2015
में
पार्टी छोड़ने के बाद दावा
किया कि केजरीवाल इस तरह की
तमाम शिकायतों को नजरअंदाज
कर देते हैं सुच्चा सिंह के
मुताबिक भी वो पंद्रह दिन तक
केजरीवाल से मिलने की कोशिश
करते रहे लेकिन मुलाकात हो
नहीं पाई...
अब
तक आम आदमी पार्टी ऐसे आरोप
लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई
तो करती रही है लेकिन इसका
जवाब नहीं दे पाई कि क्या वाकई
ये सिर्फ आरोप हैं या इनमें
कोई सच्चाई भी है...
सबसे
बड़ा सवाल तो ये भी है कि क्यों
बड़े नेता बार बार आप के खिलाफ
खड़े हो जाते हैं..
सवाल आपने सही उठाए हैं लेकिन जवाब की उम्मीद मत करिएगा इस पार्टी से
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