नोटबंदी का कदम उठाया तो गया था बड़ी उम्मीदों के साथ लेकिन जिन पर सबसे ज्यादा भरोसा किया गया उन्होंने ही सरकार और जनता देानों के साथ धोखा किया.... कई प्राइवेट बैंकों ने बड़े पैमाने पर कमीशन लेकर नोटों को बदला... यहां तक की फर्जी एकाउंट बनाकर करोड़ेां रुपये बैंकों में जमा भी हो गए...
नोटबंदी के बाद जांच के घेरे में आए एक्सिस बैंक में एक और घोटाला सामने आया है। आयकर विभाग ने दिसंबर के पहले हफ्ते में नोएडा के सेक्टर-51 स्थित बैंक की शाखा में छापा मारा। यहां 20 फर्जी खातों में करीब 60 करोड़ रुपये जमा करने का मामला पकड़ में आया।
फर्जी कंपनियों के नाम पर खाते बनाने में सबसे ज्यादा एक्सिस बैंक के अधिकारी फंसे... दिल्ली और नोएडा में एक्सिस बैंक की शाखाओं पर आयकर विभाग ने छापेमारी कर फर्जी कंपनियों के एकाउंट पकड़े... कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी जैसे नामी बैंकों में भी फर्जीवाड़े हुए. देश के बैंकों की कई शाखाओं में पुलिस-दलाल और प्रभावशाली लोगों का धन बदला जाने लगा जिसके पुख़्ता सुबूत रिकार्ड भी हुए. दस दिसंबर तक 200 करोड़ रुपये जब्त किए गये.
नोट
बंदी के बाद से ही एनफोर्समेंट
डिपार्टमेंट ने उन धन कुबेरों
पर अपनी नजर बनाए हुई थी जो
अपने काले धन को सफ़ेद करने की
फ़िराक में थे...
ईडी ने
दिल्ली के वकील रोहित टंडन
के साथ साथ पारसमल लोढा...
शेखर
रेडी... और
कोटक बैंक मैनेजर आशीष को
गिरफ्तार किया.
पेशे
से दिल्ली के जाने माने वकील
है रोहित टंडन...
सुप्रीम
कोर्ट में वकालत के साथ साथ
2005 में
रोहित टंडन ने ZESU
के नाम
से एक लॉ फर्म की शुरुवात की
बाद में टीएंडटी लॉ फर्म के
नाम से भी एक कंपनी शुरू की....
वकील
रोहित टंडन के दिल्ली में कई
बेनामी सम्पति के मालिक है
जिसमे जोरबाग इलाके में 100
करोड़ का
बंगला भी शामिल है। पिछले
दिनों रोहित टंडन के दिल्ली
स्थित ऑफिस पर दिल्ली पुलिस
की क्राइम ब्रांच ने छापा मारा
था...जिसमें
13.65 करोड़
की नकदी बरामद हुई थी...जिसमें
2.26 करोड़
की नई करेंसी थी...टंडन
पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी
खातों के माध्यम से 76
करोड़
के काले धन को सफेद किया
है...जिसमें
कई बैंकों के बड़े अधिकारी
भी शामिल है...कोटक
महिन्द्रा बैंक के मैनेजर
आशीष की भी गिरफ्तारी ईडी ने
की ...उसके
संबंध रोहित टंडन और पारसमल
लोढ़ा से भी है...ईडी
ने रोहित टंडन के मोबाइल से
व्हाट्सएप के जरिए कई लोगों
से बातचीत का ब्योरा भी बरामद
किया था..
काला धन खत्म करने को लेकर नोटबंदी लागू की गई थी. जिससे दस दिसंबर तक ही करीब 13 लाख करोड़ रूपए बैंक में आ गये लेकिन नोटबंदी के बाद जनता की परेशानी और कैश की किल्लत जब बढ़ने लगी और नई करेंसी की करोड़ों की खेप पकड़ी जाने लगी तो एक बार फिर पीएम सामने आये और कहा कि बैंक वाले भी नहीं बचेंगे क्योंकि देश के बैंकों की करीब 500 शाखाओं का स्टिंग करवाया है. वित्त मंत्रालय में स्टिंग ऑपरेशन के सीडी पहुंच चुकी हैं.
दिसंबर शुरू होते ही एक हफ्ते के अंदर एक्सिस बैंक के दो मैनेजर 40 करोड़ के घोटाले में दिल्ली से गिरफ्तार किए गए. इनके अलावा एक्सिस बैंक ने अपने 19 कर्मचारियों पर कार्रवाई की, कोलकाता में केनरा बैंक के डिप्टी मैनेजर, राजस्थान के अलवर में कोऑपरेटिव बैंक मैनेजर, पंजाब के बठिंडा में ओबीसी बैंक के मैनेजर-कैशियर, बैंगलूरु में सेंट्रल बैंक के मैनेजर और हैदराबाद में सिंडिकेट बैंक के दो कर्मचारी गिरफ्तार गए .
ये भी कहा गया कि बैंक अधिकारियों पर फिलहाल हल्की कार्रवाई रणनीति का हिस्सा है. एक बार करेंसी का संकट कुछ सुधरे तो सरकार भ्रष्ट बैंक पर सबक सिखाने वाली कार्रवाई करेगी. जो फरवरी मार्च के करीब हो सकती है. हांलाकि नोटबंदी में बैंकों की भूमिका बहुत संवेदनशील औऱ महत्वपूर्ण मानी गई लेकिन कुछ बैंकों की गड़बड़ी से देश को काफी नुकसान उठाना पड़ा.
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