गीता शर्मा एक स्वतंत्र पत्रकार है, पिछले 20 साल से वो पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं, उन्होंने दिल्ली, हरियाणा के प्रसिद्ध चैनल टोटल टीवी, नेशनल न्यूज चैनल जैन टीवी और सीएनबीसी में बतौर एंकर, पत्रकार काम किया है। खबरों की भाग दौड़ के बीच सूकून के कुछ पल कहानियां लिखकर गुजारे जो धीरे-धीरे सोशल मीडिया के जरीये सब तक पहुंच रहे हैं।
गुरुवार, 4 फ़रवरी 2010
change yourself first to change the world..
बहुत समय हो गया है कुछ लिखे क्या लिखू जिन्दंगी में एक वक़्त ऐसा आता है जब बदलाव शुरू होता है लेकिन शुरुवात और पूरी तरह बदलने के बीच का वक़्त काफी मुश्किल होता है हर वक़्त एक डर सताता है क्या जो हो रहा है वोः सही है इस वक़्त विश्वास की अहमियत समझ आती है इंसान के उसूल क्या है उसका टेस्ट होता है विश्वास क्या है? मैंने देखा है ki कुछ लोगो को ये भी नहीं पता वोः समझते है की किसी पर भी विश्वास कर लेना चाहिए पर ऐसा होता नहीं ये एक एहसास है जो आपके अन्दर से आता है. यहाँ फैसला करना जरूरी है की जो आप कर रहे जिस पर विश्वास कर रहे है वोः सही है या गलत किसी पर आँख बंद कर विश्वास करेंगे तो फिर धोका मिलने का चांस ज्यादा होता है यही परेशानी होती है जब बिना सोचे समझे किसी पर भरोसा कर उससे सब शेयर किया जाता है. अब सवाल ये है की कैसे ये यकीं हो की जो आप कर रहे है वोः सही है सलमान खान की एक मूवी में कहा gaya की भगवान आपको कुछ सिग्नल देते है जब ठीक हो या गलत ये सिग्नल हर कोई पहचान नहीं पता और कई लोग अपनी नासमझी और नादानी में वोः इससे ignore करता है लेकिन अगर समझ हो इन्हें पहचानने की तो आप कभी कोई गलत कम नहीं करेंगे अब ऐसा नहीं है गलत काम नहीं करेंगे तो आपकी जिन्दंगी में दुःख तकलीफे नहीं होंगी वोः तो आपकी ज़िन्दगी का हिस्सा है उनका आना जाना लगा रहेगा लेकिन आपके साथ जो हो रहा है वोः क्यूँ हो रहा वोः समझ सकेंगे तो ज़िन्दगी को समझना आसान होगा और जिसने इसे समझ लिया वोः इसे पूरी तरह जी लेता है ज़िन्दगी में सफलता इससे नापी नहीं जाती की आपके कितने बंगले और कितनी गाड़िया है सफल ज़िन्दगी वोः है जो खुद ज़िन्दगी का बड़ा हिस्सा ख़ुशी से गुजरे और जिसकी वजह से लोगों की ज़िन्दगी खुशियों से भर जाये महात्मा गाँधी ने कहा था की industralist को अपनी प्लानिंग इस तरह करनी चाहिए की उनके बिज़नस से कितने लोगों को फायदा पुहुचेगा अगर ये विचार हम अपनी ज़िन्दगी में भी लाये तो शायद इस दुनिया का दुःख कम होगा नहीं ये ज़रूरी नहीं की आप गाँधी जी की तरह अपनी जिन्दंगी social वर्क के नाम कर दे बस अपनी लाइफ में थोडा बदलाव करें ताकि आपके एक एक्स्ट्रा एफोर्ट से कोई एक इंसान रोज़ खुश रहे एक दिन में एक अच्छा काम आप करेंगे तो सब ठीक होगा शायद वक़्त आ गया है बदलाव का आप भी बदले दुनिया को बेहतर करने के लिए ..................
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