आज फिर दिल ने एक तमन्ना की, आज फिर दिल को हमने समझाया....
इतना आसान नहीं होता दिल को समझाना.
लेकिन यह ज़रूरी है .हर वक़्त दिल की बात सुनने से परेशानी बढ़ सकती है. क्युकी दिल बहकाता रहा है दिल बहकाता रहेगा.
चलिए एक कहानी हो जाये एक लड़का था प्यार से अनजान कहता था मैं और किसी लड़की से प्यार ये हो नहीं सकता. लेकिन एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए की कभी अपनी किस्मत को चैलेन्ज नहीं करना चाहिए ज़िन्दगी में कुछ भी ऐसा नहीं होता जिसके लिए आप ये कहे की यह मेरे साथ नहीं हो सकता जिस पल आपने यह कहा कोई ताक़त आपके इम्तिहान की tayaari में जुट जायेगी और फिर ज़िन्दगी में कभी न कभी आपको उस situation में लाकर खड़ा कर देगी जब फैसला आपको करना होगा और वोः फैसला करना आसान नहीं होगा.
अपनी कहानी पर लौटते है उस लड़के को खुद से इतना प्यार था की किसी और के बारे में सोचने का समय ही नहीं था हर वक़्त दूसरो से अपनी तारीफ सुनना अच्छा लगता था एक दिन वोः आपने ऑफिस की कैंटीन में बैठा था किसी से बात कर रहा था कोई लड़की थी हाँ याद आया वोः लड़की उस लड़के को काफी पसंद करती थी उसे समझा रहा था की प्यार उसके लिए बना ही है उसकी किस्मत का फैसला तोह हो चुका है घरवाले जिससे कहेंगे शादी कर लूँगा फिर किसी लड़की के प्यार में पद कर टेंशन क्यूँ लूँ. वैसे एक बात और बता अपने हीरो के बारे भले ही वोः कुछ भी कहे लेकिन सच तो यह है की लड़कियों से बात करना उन्हें काफी पसंद था.
अरे में इनका नाम बताना तोह भूल ही गई क्या नाम था हाँ याद आया नाम है मानव. मानव बोल्ड है स्मार्ट है अपने काम में माहिर है लेकिन एक कमी है overconfident है उसे लगता है की भगवान उससे पूछकर उसकी किस्मत लिखेंगे अफ़सोस ऐसा हुआ नहीं. कैंटीन में उसकी बात एक लड़की सुन रही हालाँकि वोः नहीं जानती थी की यह कौन बोल रहा है उसने सोचा कितना बेवकूफ है ये इंसान कैसे पता कभी प्यार नहीं होगा प्यार प्लान करके थोड़े ही होता है. उसने सोचा पीछे मुड़कर ज़रा इनके दर्शन किये जाये मुड़कर देखा और अपने रस्ते चल दी यह पहली बार था जब इन दोनों के विचारों में clash नज़र आया आगे बहुत कुछ होना बाकी है. खैर सब कुछ ठीक चल रहा था एक ही जगह कम करते करते कभी न कभी दोनों में बात होना तय था. नेहा को ऑफिस ज्वाइन किये कुछ ही दिन हुए थे ज्यादा बात नहीं करती थी लेकिन सब उसकी मुस्कराहट देखकर अपनी तकलीफ भूल जाते थे नहीं बहुत सुंदर नहीं थी सिर्फ उसके चेहरे की चमक से सारा माहौल खुशनुमा हो जाता था .
खुद खुश रहकर सबको खुश रहने का पाठ पड़ती थी. ऐसे लोग तो सब को अच्छे लगते है लेकिन शायद मानव को कुछ ज्यादा ही पसंद आ गयी. मानव कोशिश करने लगा उससे बात करने की उससे दोस्ती करने की. लेकिन नेहा अपनी दुनिया में मस्त रहती थी कम करने और सिखने का जूनून था उसे क्यूंकि कुछ बनना उसका मकसद था. हाँ लेकिन अगर उससे कोई बात करता था तोह वोः अच्छे से बात करती थी. मानव चाहता था की नेहा उससे बात करे पर ऐसा हो नहीं रहा था तो उसने काम में उसकी मदद करनी शुरू कर दी नेहा अनजान थी उसे नहीं पता था कोई उसकी इतनी मदद कर रहा है जब पता चला तोह उसके दिल में मानव के लिए इज्ज़त बढ़ गयी क्यूंकि फ्रेशर की मदद बहुत कम सेनिओर्स ही करते है
तोह यहाँ से शुरू हुई एक दोस्ती. मानव और नेहा की दोस्ती. धीरे धीरे मानव नेहा को पसंद करने लगा नेहा के लिए ये सिर्फ दोस्ती थी और कुछ नहीं. दोनों खूब बातें करते थे मानव नेहा को न देखे तो बैचैन हो जाता था लेकिन वोः अब भी ये समझ रहा था की ये सब बहुत आसान है नेहा उससे दूर चली भी जाए तोह उससे फर्क नहीं पड़ेगा पर उसकी ग़लतफ़हमी जल्द दूर हो गयी, to be continued....
गीता शर्मा एक स्वतंत्र पत्रकार है, पिछले 20 साल से वो पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं, उन्होंने दिल्ली, हरियाणा के प्रसिद्ध चैनल टोटल टीवी, नेशनल न्यूज चैनल जैन टीवी और सीएनबीसी में बतौर एंकर, पत्रकार काम किया है। खबरों की भाग दौड़ के बीच सूकून के कुछ पल कहानियां लिखकर गुजारे जो धीरे-धीरे सोशल मीडिया के जरीये सब तक पहुंच रहे हैं।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
MY BOOK : Pyar Mujhse Jo Kiya Tumne
नभ और धारा की ये कहानी दोस्ती, प्यार और नफरत के बीच के अजीब सफर से गुजरती है। नभ एक आर्मी ऑफिसर है, जो आर्मी में इसलिए गया क्योंकि उसे अप...
-
Tell me what do you want to be?? doctor, engineer, teacher, actor, journalist??? Approach hai kya??????? yes you guessed it right. its not d...
-
India is country of many beliefs and i came to know about one more last year. Baba Balak Nath ji is a Punjabi and Hindu deity worship...
-
हम अक्सर सोचते हैं जो बीत गया उसे भुला दिया,,, किसी चीज के बारे में सोचो न तो वो जहन में धुंधली होती जाती है जैसे बचपन की बातें,,, नये नय...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें